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Jammu News: वुलर झील में पहली बार देखा गया दुर्लभ ग्रेट बिटर्न पक्षी
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की वुलर झील में पहली बार दुर्लभ ग्रेट बिटर्न पक्षी को देखा गया। यह पक्षी अपनी विशिष्ट गर्जन ध्वनि और अद्वितीय पंखों के लिए जाना जाता है। इसका वुलर झील में आगमन क्षेत्र की पारिस्थितिकी तंत्र की स्वस्थता का संकेत है।
वुलर झील एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक मानी जाती है। प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय स्थल बन चुकी है। नवंबर के पहले सप्ताह में इस पक्षी को देखा गया है। इसने पक्षी विज्ञानियों और प्रकृति प्रेमियों को उत्साहित कर दिया है। यह घटनाक्रम झील के संरक्षण और जैव विविधता की महत्वता को और भी उजागर करता है।
3 नवंबर 2024 को वुलर कंजरवेशन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (डब्ल्यूयूसीएमए) के अधिकारी और पक्षी प्रेमी शोकेट अहमद ने इस पक्षी को देखा। ओवैस फारूक मीर, डब्ल्यूयूसीएमए के समन्वयक ने कहा, ग्रेट बिटर्न का वुलर झील में आगमन हमारे दलदल क्षेत्रों की पारिस्थितिकीय स्थिति को दर्शाता है। यह दुर्लभ पक्षी हमारे संरक्षण प्रयासों को प्रेरित करता है और इन महत्वपूर्ण पारिस्थितिकीय तंत्रों को बचाने की आवश्यकता के बारे में जागरूकता फैलाता है। वुलर झील में यह पक्षी प्रवासी पक्षियों की एक लंबी सूची में शामिल हो गया है, जिसमें बत्तखों, बगुले और अन्य प्रवासी पक्षी शामिल हैं, जो हर साल सर्दियों के मौसम में इस क्षेत्र में आते हैं। पर्यावरणविदों और शोधकर्ताओं को वुलर झील आने और इस असाधारण घटना का साक्षात्कार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
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वुलर झील एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक मानी जाती है। प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय स्थल बन चुकी है। नवंबर के पहले सप्ताह में इस पक्षी को देखा गया है। इसने पक्षी विज्ञानियों और प्रकृति प्रेमियों को उत्साहित कर दिया है। यह घटनाक्रम झील के संरक्षण और जैव विविधता की महत्वता को और भी उजागर करता है।
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3 नवंबर 2024 को वुलर कंजरवेशन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (डब्ल्यूयूसीएमए) के अधिकारी और पक्षी प्रेमी शोकेट अहमद ने इस पक्षी को देखा। ओवैस फारूक मीर, डब्ल्यूयूसीएमए के समन्वयक ने कहा, ग्रेट बिटर्न का वुलर झील में आगमन हमारे दलदल क्षेत्रों की पारिस्थितिकीय स्थिति को दर्शाता है। यह दुर्लभ पक्षी हमारे संरक्षण प्रयासों को प्रेरित करता है और इन महत्वपूर्ण पारिस्थितिकीय तंत्रों को बचाने की आवश्यकता के बारे में जागरूकता फैलाता है। वुलर झील में यह पक्षी प्रवासी पक्षियों की एक लंबी सूची में शामिल हो गया है, जिसमें बत्तखों, बगुले और अन्य प्रवासी पक्षी शामिल हैं, जो हर साल सर्दियों के मौसम में इस क्षेत्र में आते हैं। पर्यावरणविदों और शोधकर्ताओं को वुलर झील आने और इस असाधारण घटना का साक्षात्कार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
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