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वकील का दिल बाघ जैसा होना चाहिए: न्यायाधीश अतुल श्रीधरन
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधिक सेवा प्राधिकरण ने कश्मीर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ के सहयोग से गांधी भवन में जागरूकता-सह-इंटरेक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया। जम्मू-कश्मीर एवं और लद्दाख उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अतुल श्रीधरन ने कहा, एक वकील का दिल बाघ जैसा होना चाहिए—बोल्ड और निर्भीक, जबकि अदालत के प्रति निष्पक्ष रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भले ही आप आपराधिक मामलों में प्रैक्टिस कर रहे हों, लेकिन एक कॉर्पोरेट मामलों की किताब आपके लिए उपयोगी हो सकती है। कहा कि कानूनी हस्तियों की जीवनी पढ़ने का बहुत महत्व है, जिससे नए वकीलों को प्रेरणा मिलती है।
न्यायाधीश श्रीधरन का स्वागत प्रोफेसर निलोफर खान, उपकुलपति और प्रोफेसर मोहम्मद हुसैन, स्कूल ऑफ लॉ के प्रमुख ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय तराना और नालसा थीम सॉन्ग के साथ हुई। न्यायाधीश श्रीधरन ने कानून के छात्रों और फैकल्टी सदस्यों को संबोधित करते हुए न्यायाधीशों और कानूनी प्रैक्टिशनरों की भूमिका पर गहन विचार साझा किए। उन्होंने कहा, न्यायाधीशों के रूप में, हम मामले का निर्णय करते हैं, न कि उसमें शामिल व्यक्तियों का। उन्होंने छात्रों को किताबें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया, इससे उनके पेशेवर कौशल में सुधार होगा।
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उन्होंने कहा कि भले ही आप आपराधिक मामलों में प्रैक्टिस कर रहे हों, लेकिन एक कॉर्पोरेट मामलों की किताब आपके लिए उपयोगी हो सकती है। कहा कि कानूनी हस्तियों की जीवनी पढ़ने का बहुत महत्व है, जिससे नए वकीलों को प्रेरणा मिलती है।
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न्यायाधीश श्रीधरन का स्वागत प्रोफेसर निलोफर खान, उपकुलपति और प्रोफेसर मोहम्मद हुसैन, स्कूल ऑफ लॉ के प्रमुख ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय तराना और नालसा थीम सॉन्ग के साथ हुई। न्यायाधीश श्रीधरन ने कानून के छात्रों और फैकल्टी सदस्यों को संबोधित करते हुए न्यायाधीशों और कानूनी प्रैक्टिशनरों की भूमिका पर गहन विचार साझा किए। उन्होंने कहा, न्यायाधीशों के रूप में, हम मामले का निर्णय करते हैं, न कि उसमें शामिल व्यक्तियों का। उन्होंने छात्रों को किताबें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया, इससे उनके पेशेवर कौशल में सुधार होगा।
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