{"_id":"67047dd8231a5e31080953f8","slug":"jammu-kashmir-news-srinagar-news-c-266-1-sr31001-102575-2024-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईएमआरएस के लिए जनजातीय क्षेत्रों की पहचान करें : डुल्लू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईएमआरएस के लिए जनजातीय क्षेत्रों की पहचान करें : डुल्लू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने सोमवार को सभी उप जिला विकास अधिकारियों (डीसी) से अपने जिलों में जनजातीय आबादी वाले क्षेत्रों की पहचान करने के लिए कहा, ताकि उन क्षेत्रों में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) स्थापित किए जा सकें।
मुख्य सचिव ने ये निर्देश नागरिक सचिवालय में जनजातीय मामलों के विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने उप जिला विकास अधिकारियों को नए ईएमआरएस की स्थापना के लिए व्यापक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने को भी कहा।
जनजातीय मामलों के सचिव प्रसन्ना रामास्वामी ने बैठक में बताया कि केंद्र सरकार 50 फीसदी से अधिक जनजातीय आबादी वाले ब्लॉकों में ईएमआरएस के निर्माण को सुगम बनाती है और छात्रावासों/विद्यालयों के नवीनीकरण के लिए फंड प्रदान करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य सचिव ने ये निर्देश नागरिक सचिवालय में जनजातीय मामलों के विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।
बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने उप जिला विकास अधिकारियों को नए ईएमआरएस की स्थापना के लिए व्यापक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने को भी कहा।
विज्ञापन
जनजातीय मामलों के सचिव प्रसन्ना रामास्वामी ने बैठक में बताया कि केंद्र सरकार 50 फीसदी से अधिक जनजातीय आबादी वाले ब्लॉकों में ईएमआरएस के निर्माण को सुगम बनाती है और छात्रावासों/विद्यालयों के नवीनीकरण के लिए फंड प्रदान करती है।
विज्ञापन