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Jammu News: सरकारी अधिकारी पर रिश्वत का आरोप, एसीबी ने दर्ज किया केस
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया है। अधिकारी पर एक कार डीलरशिप के प्रतिनिधियों से उनके वाहनों की सिफारिश करने के लिए रिश्वत लेने का आरोप है।
एसीबी के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी ने इस आरोप की पुष्टि की है। आरोप के अनुसार, कुपवाड़ा और बांदीपोरा जिलों के लिए मुमकिन योजना के तहत नोडल अधिकारी के रूप में तैनात तत्कालीन सहायक निदेशक (रोजगार) शबनम आरिफ मीर ने वर्ष 2021-22 में रिश्वत ली थी। यह रिश्वत टेंगपोरा बाईपास पर हिमालयन मोटर्स शोरूम के अधिकारियों से उनके वाहनों की खरीद करने की सिफारिश के लिए ली गई थी। एसीबी के अनुसार, सत्यापन से पता चला है कि मुमकिन योजना के तहत, पात्र उम्मीदवारों के आवेदनों को नोडल अधिकारी द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार आवेदनों की साख की पुष्टि करने के बाद जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति (डीएलआईसी) के समक्ष रखा जाना था। लेकिन, शबनम आरिफ मीर ने बांदीपोरा और कुपवाड़ा जिलों के नोडल अधिकारी होने के नाते कंपनी के अधिकारियों से रिश्वत के रूप में प्रति वाहन 10,000 रुपये की मांग की थी।
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कार डीलर के दो अधिकारियों पर भी मुकदमा
जांच से यह भी पता चला कि सरकारी अधिकारी ने एक बिक्री सलाहकार से 4 लाख रुपये की रिश्वत ली। जिसमें हिमालयन मोटर्स के अधिकारियों की ओर से खाते में ऑनलाइन माध्यम से जमा 1.39 लाख रुपये शामिल थे। जांच के बाद, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत मीर, कार डीलरशिप के दो अधिकारियों - सुमीर पंडिता और जुनैद बशीर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
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कई स्थानों से जब्त किए कागजात
प्रवक्ता ने बताया कि एसीबी ने बांदीपोरा, कुपवाड़ा और श्रीनगर में कई स्थानों पर तलाशी ली। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।
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एसीबी के प्रवक्ता ने कहा कि एजेंसी ने इस आरोप की पुष्टि की है। आरोप के अनुसार, कुपवाड़ा और बांदीपोरा जिलों के लिए मुमकिन योजना के तहत नोडल अधिकारी के रूप में तैनात तत्कालीन सहायक निदेशक (रोजगार) शबनम आरिफ मीर ने वर्ष 2021-22 में रिश्वत ली थी। यह रिश्वत टेंगपोरा बाईपास पर हिमालयन मोटर्स शोरूम के अधिकारियों से उनके वाहनों की खरीद करने की सिफारिश के लिए ली गई थी। एसीबी के अनुसार, सत्यापन से पता चला है कि मुमकिन योजना के तहत, पात्र उम्मीदवारों के आवेदनों को नोडल अधिकारी द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार आवेदनों की साख की पुष्टि करने के बाद जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति (डीएलआईसी) के समक्ष रखा जाना था। लेकिन, शबनम आरिफ मीर ने बांदीपोरा और कुपवाड़ा जिलों के नोडल अधिकारी होने के नाते कंपनी के अधिकारियों से रिश्वत के रूप में प्रति वाहन 10,000 रुपये की मांग की थी।
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कार डीलर के दो अधिकारियों पर भी मुकदमा
जांच से यह भी पता चला कि सरकारी अधिकारी ने एक बिक्री सलाहकार से 4 लाख रुपये की रिश्वत ली। जिसमें हिमालयन मोटर्स के अधिकारियों की ओर से खाते में ऑनलाइन माध्यम से जमा 1.39 लाख रुपये शामिल थे। जांच के बाद, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत मीर, कार डीलरशिप के दो अधिकारियों - सुमीर पंडिता और जुनैद बशीर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
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कई स्थानों से जब्त किए कागजात
प्रवक्ता ने बताया कि एसीबी ने बांदीपोरा, कुपवाड़ा और श्रीनगर में कई स्थानों पर तलाशी ली। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।