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चालीस दिन की हो सकती है अमरनाथ यात्रा
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जम्मू। कोविड की तीसरी लहर के धीमा पड़ने के साथ श्री अमरनाथ यात्रा 2022 की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस बार अमरनाथ यात्रा चालीस दिन की हो सकती है। यात्रा में रिकॉर्ड यात्रियों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए ही तैयारियां की जा रही हैं। यात्रा की तिथियों और अन्य प्रबंधों की घोषणा के लिए जल्द श्राइन बोर्ड की ओर से बैठक बुलाई जा रही है। अमूमन अप्रैल के शुरू में यात्रा के लिए अग्रिम यात्री पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। इसके साथ पवित्र गुफा और यात्रा ट्रैक पर जल्द बर्फ हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसमें अप्रैल में काम शुरू करने की योजना है। बेस कैंपों और प्रमुख ट्रैक स्थलों पर सिविल कार्य भी शुरू किए जा रहे हैं। इसके लिए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से निविदाएं मांगी गई हैं।
बोर्ड की ओर से मांगी गई निविदाओं में हेलिपेड स्थल पर बर्फ हटाना, पवित्र गुफा के पास हटमेंट क्षेत्र, पंडाल क्षेत्र, बेस अस्पताल साइट, क्लाक रूम, शू रैक साइट, सिलवर कायन व बुक काउंटर साइट, शेड, पवित्र गुफा के निचले क्षेत्र में बेस अस्पताल व शौचालय स्थल, कैंप डायरेक्टर, हट क्षेत्र, हेली सेवा स्टाफ आवास, सेवा प्रदाता क्षेत्र, शेषनाग कैंप, वावबाल व एमजी टाप शेषनाग आदि स्थल शामिल हैं। इस बार पवित्र गुफा के पास सीवरेज प्रणाली का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए मुख्य होल और सीवर लाइन का निर्माण किया जाएगा। पवित्र गुफा के पास पत्थरों पर चित्रकारी में मंत्र आदि प्रदर्शित किए जाएंगे। श्राइन बोर्ड की ओर से देशभर के राज्यों से डॉक्टरों की सूची मांगी गई है। अमूमन अप्रैल के शुरू में अग्रिम यात्री पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जाती है, जिसमें देशभर से मान्यता प्राप्त बैंक शाखाओं में भक्तों को पंजीकरण की सुविधा मुहैया करवाई जाती है। इसके लिए संबंधित राज्यों में नामित डॉक्टरों द्वारा जारी अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र वैध माने जाते हैं, जिनके आधार पर ही तिथि शेड्यूल के मुताबिक यात्री को यात्रा की अनुमति दी जाती है। बालटाल सहित अन्य यात्रा स्थलों पर जल्द सिविल कार्य शुरू किए जाएंगे। पिछले दो साल से कोविड के कारण अमरनाथ यात्रा नहीं हो पाई है।
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बोर्ड की ओर से मांगी गई निविदाओं में हेलिपेड स्थल पर बर्फ हटाना, पवित्र गुफा के पास हटमेंट क्षेत्र, पंडाल क्षेत्र, बेस अस्पताल साइट, क्लाक रूम, शू रैक साइट, सिलवर कायन व बुक काउंटर साइट, शेड, पवित्र गुफा के निचले क्षेत्र में बेस अस्पताल व शौचालय स्थल, कैंप डायरेक्टर, हट क्षेत्र, हेली सेवा स्टाफ आवास, सेवा प्रदाता क्षेत्र, शेषनाग कैंप, वावबाल व एमजी टाप शेषनाग आदि स्थल शामिल हैं। इस बार पवित्र गुफा के पास सीवरेज प्रणाली का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए मुख्य होल और सीवर लाइन का निर्माण किया जाएगा। पवित्र गुफा के पास पत्थरों पर चित्रकारी में मंत्र आदि प्रदर्शित किए जाएंगे। श्राइन बोर्ड की ओर से देशभर के राज्यों से डॉक्टरों की सूची मांगी गई है। अमूमन अप्रैल के शुरू में अग्रिम यात्री पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जाती है, जिसमें देशभर से मान्यता प्राप्त बैंक शाखाओं में भक्तों को पंजीकरण की सुविधा मुहैया करवाई जाती है। इसके लिए संबंधित राज्यों में नामित डॉक्टरों द्वारा जारी अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र वैध माने जाते हैं, जिनके आधार पर ही तिथि शेड्यूल के मुताबिक यात्री को यात्रा की अनुमति दी जाती है। बालटाल सहित अन्य यात्रा स्थलों पर जल्द सिविल कार्य शुरू किए जाएंगे। पिछले दो साल से कोविड के कारण अमरनाथ यात्रा नहीं हो पाई है।
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