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कैंसर मरीजों को मिलेगी विश्वस्तरीय चिकित्सा देखभाल
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जम्मू। प्रदेश में कैंसर चिकित्सा देखभाल को मजबूत बनाया जाएगा। कैंसर मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाने की दिशा में टाटा मेमोरियल केंद्र (टीएमसी) मुंबई से जीएमसी जम्मू तकनीकी और शैक्षणिक सहयोग लेगा। टीएमसी मुंबई में जीएमसी जम्मू के संकाय और पैरा मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ देश के अन्य टीएमसी में भी सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा। एसएमजीएस अस्पताल जम्मू में बुधवार को मुख्य अतिथि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की मौजूदगी में जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन ने डॉ. राजेंद्र बडवे निदेशक टीएमसी मुंबई के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान उपराज्यपाल ने जम्मू कश्मीर के जीएमसी, डीएच, सीएचसी और पीएचसी स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए विभिन्न स्वास्थ्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
स्वास्थ्य परियोजनाओं में दो बाल चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र, 28 मातृ आईसीयू, 20 बाल चिकित्सा हाइब्रिड आईसीयू, जम्मू कश्मीर के सरकारी मेडिकल कालेजों और जिलों में 15 बाल रोग वार्डों का निर्माण किया जाएगा। उपराज्यपाल ने एनएचएम कर्मचारी कल्याण कोष की घोषणा के साथ आशा भुगतान, प्रदर्शनी की निगरानी के लिए 104 केंद्रीकृत स्वास्थ्य हेल्पलाइन के लिए एक व्हाट्सएप आधारिक एकीकृत एसएचआईएफए और आशा गुल्लक एप लांच किया। इसके अलावा बीईएमएमपी दिशानिर्देश पुस्तिका और यूनिसेफ डीजीए (जिला अंतर विश्लेषण) जारी किए गए।
उपराज्यपाल ने कहा कि जिला स्तर पर नई स्वास्थ्य सुविधाएं सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के साथ दूरदराज क्षेत्रों में चिकित्सा लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश और खासतौर पर जम्मू कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाओं की शक्ल बदली है। इससे पहले कुछ विशेषाधिकार प्राप्त लोग बड़े शहरों में चिकित्सा देखभाल सुविधाओं का शहरों और विदेशों में आनंद ले रहे थे, जबकि सामान्य लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित थे। जम्मू कश्मीर में सात नए मेडिकल कालेज, दो एम्स, दस नर्सिंग कलेज और यूटी में सर्वश्रेष्ठ संस्थान बनाने के लिए 7700 करोड़ रुपये की परियोजनाएं दी गई हैं। वर्ष 2019 से पहले जम्मू कश्मीर में सिर्फ 129 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र थे, जिनकी दो वर्षों में संख्या 1275 हो गई है। इन दो वर्ष में 1897 चिकित्सा शिक्षा सीटों में वृद्धि की गई है। अतिरिक्त आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र स्थापित होंगे। टाटा मेमोरियल अस्पताल और अपोलो अस्पताल जैसी विश्व प्रसिद स्वास्थ्य संस्थानों के सहयोग से जम्मू कश्मीर में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जाएंगी। कार्यक्रम में मेयर चंद्र मोहन गुप्ता, सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता, एनएचएम निदेशक चौधरी मो. यासीन आदि मौजूद रहे।
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दिवंगत एनएचएम कर्मियों के परिजनों को दस लाख रुपये की आर्थिक मदद
जम्मू कश्मीर में एनएचएम के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू की गई है। उपराज्यपाल ने विभिन्न कारणों से दिवंगत हुए एनएचएम कर्मियों के परिवारवालों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के चेक प्रदान किए। अन्य शेष कर्मचारियों के मुआवजे के संबंध में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है।
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मरीजों का मेडिकल रिकॉर्ड आनलाइन होगा
जम्मू कश्मीर में जल्द मेडिकल रिकार्ड के आनलाइन अपाइंटमेंट और डिजिटलीकरण की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
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स्वास्थ्य परियोजनाओं में दो बाल चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र, 28 मातृ आईसीयू, 20 बाल चिकित्सा हाइब्रिड आईसीयू, जम्मू कश्मीर के सरकारी मेडिकल कालेजों और जिलों में 15 बाल रोग वार्डों का निर्माण किया जाएगा। उपराज्यपाल ने एनएचएम कर्मचारी कल्याण कोष की घोषणा के साथ आशा भुगतान, प्रदर्शनी की निगरानी के लिए 104 केंद्रीकृत स्वास्थ्य हेल्पलाइन के लिए एक व्हाट्सएप आधारिक एकीकृत एसएचआईएफए और आशा गुल्लक एप लांच किया। इसके अलावा बीईएमएमपी दिशानिर्देश पुस्तिका और यूनिसेफ डीजीए (जिला अंतर विश्लेषण) जारी किए गए।
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उपराज्यपाल ने कहा कि जिला स्तर पर नई स्वास्थ्य सुविधाएं सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के साथ दूरदराज क्षेत्रों में चिकित्सा लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश और खासतौर पर जम्मू कश्मीर में स्वास्थ्य सेवाओं की शक्ल बदली है। इससे पहले कुछ विशेषाधिकार प्राप्त लोग बड़े शहरों में चिकित्सा देखभाल सुविधाओं का शहरों और विदेशों में आनंद ले रहे थे, जबकि सामान्य लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित थे। जम्मू कश्मीर में सात नए मेडिकल कालेज, दो एम्स, दस नर्सिंग कलेज और यूटी में सर्वश्रेष्ठ संस्थान बनाने के लिए 7700 करोड़ रुपये की परियोजनाएं दी गई हैं। वर्ष 2019 से पहले जम्मू कश्मीर में सिर्फ 129 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र थे, जिनकी दो वर्षों में संख्या 1275 हो गई है। इन दो वर्ष में 1897 चिकित्सा शिक्षा सीटों में वृद्धि की गई है। अतिरिक्त आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र स्थापित होंगे। टाटा मेमोरियल अस्पताल और अपोलो अस्पताल जैसी विश्व प्रसिद स्वास्थ्य संस्थानों के सहयोग से जम्मू कश्मीर में सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जाएंगी। कार्यक्रम में मेयर चंद्र मोहन गुप्ता, सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता, एनएचएम निदेशक चौधरी मो. यासीन आदि मौजूद रहे।
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दिवंगत एनएचएम कर्मियों के परिजनों को दस लाख रुपये की आर्थिक मदद
जम्मू कश्मीर में एनएचएम के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू की गई है। उपराज्यपाल ने विभिन्न कारणों से दिवंगत हुए एनएचएम कर्मियों के परिवारवालों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के चेक प्रदान किए। अन्य शेष कर्मचारियों के मुआवजे के संबंध में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है।
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मरीजों का मेडिकल रिकॉर्ड आनलाइन होगा
जम्मू कश्मीर में जल्द मेडिकल रिकार्ड के आनलाइन अपाइंटमेंट और डिजिटलीकरण की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
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