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स्कूल शिक्षा विभाग 16 साल पुराना पाठ्यक्रम बदलेगा
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जम्मू। नई शिक्षा नीति के तहत राज्य पाठ्यक्रम प्रारूप (एससीएफ) तैयार होगा। कक्षा पहली से 12वीं तक का 16 साल पुराना पाठ्यक्रम बदलेगा। नई पाठ्य पुस्तकें लिखी जाएंगी और नया सिलेबस तैयार होगा। प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग 25 विषय पर चार पाठ्यक्रम का प्रारूप तैयार करेगा। इन 25 विषयों पर जिला स्तर पर बने फोकस ग्रुप की बैठकें जारी हैं। इसके बाद इनके पेपर तैयार किए जाएंगे, जिन्हें राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद को भेजा जाएगा। सभी राज्यों से राज्य पाठ्यचर्या ढांचा मिलने के बाद एक राष्ट्रीय पाट्यक्रम प्रारूप तैयार होगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार 25 विषय पर चार पाठ्यक्रम प्रारूप पर काम होगा। इसमें अर्ली चाइल्ड हुड केयर एजुकेशन, स्कूल एजुकेशन, टीचर एजुकेशन और एडल्ट एजुकेशन का फ्रेमवर्क बनेगा। वर्तमान में प्रदेश सहित देश में 2005 में बने राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा के तहत पढ़ाई हो रही है। नई शिक्षा नीति 2020 लागू होने के बाद अब राष्ट्रीय पाठ्यक्रम प्रारूप भी तैयार होगा। प्रदेश सरकार अप्रैल तक राज्य पाठ्यक्रम के प्रारूप का मसौदा एनसीईआरटी को भेज देगी। प्रदेश सरकार स्थानीय जरूरत के हिसाब से प्रारूप का कुछ हिस्सा खुद से लागू कर सकती है। इसमें स्थानीय सामग्री को शामिल किया जाएगा। राज्य पाठ्यक्रम प्रारूप के नोडल अधिकारी डॉ. यासीर अहमद सारीवाल ने कहा कि इस पर काम चल रहा है। सभी जिलों को राज्य पाठ्यचर्या ढांचा तैयार करने को कहा है।
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शिक्षा विभाग के अनुसार 25 विषय पर चार पाठ्यक्रम प्रारूप पर काम होगा। इसमें अर्ली चाइल्ड हुड केयर एजुकेशन, स्कूल एजुकेशन, टीचर एजुकेशन और एडल्ट एजुकेशन का फ्रेमवर्क बनेगा। वर्तमान में प्रदेश सहित देश में 2005 में बने राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचा के तहत पढ़ाई हो रही है। नई शिक्षा नीति 2020 लागू होने के बाद अब राष्ट्रीय पाठ्यक्रम प्रारूप भी तैयार होगा। प्रदेश सरकार अप्रैल तक राज्य पाठ्यक्रम के प्रारूप का मसौदा एनसीईआरटी को भेज देगी। प्रदेश सरकार स्थानीय जरूरत के हिसाब से प्रारूप का कुछ हिस्सा खुद से लागू कर सकती है। इसमें स्थानीय सामग्री को शामिल किया जाएगा। राज्य पाठ्यक्रम प्रारूप के नोडल अधिकारी डॉ. यासीर अहमद सारीवाल ने कहा कि इस पर काम चल रहा है। सभी जिलों को राज्य पाठ्यचर्या ढांचा तैयार करने को कहा है।
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