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जम्मू संभाग में एक करोड़ से अधिक तीर्थ यात्री और पर्यटक पहुंचे
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जम्मू संभाग में एक करोड़ से अधिक तीर्थ यात्री और पर्यटक पहुंचे
श्री माता वैष्णो देवी के दरबार में सबसे अधिक 5577240 तीर्थ यात्रियों ने लगाई हाजिरी
जम्मू। संभाग की अर्थव्यवस्था तीर्थ पर्यटन और पर्यटन स्थलों पर निर्भर है। वर्ष 2021 में संभाग के विभिन्न तीर्थ और पर्यटन स्थलों पर एक करोड़ से अधिक पर्यटक और तीर्थ यात्री पहुंचे। इसमें रियासी जिला में स्थित श्री माता वैष्णो देवी के दरबार में सबसे अधिक 5577240 तीर्थ यात्रियों ने हाजिरी की दी। इसी जिले में स्थित शिवखोड़ी में 1618628 तीर्थ यात्री पहुंचे। जिला राजोरी स्थित जियारत शादरा शरीफ में 1208561 तीर्थ यात्री पहुंचे। संभाग के प्रमुख पर्यटन स्थल पटनीटॉप में 668063, सनासर में 163667, मानसर में 289649, सुचेतगढ़ बार्डर पर 123815, भद्रवाह में 15227 पर्यटक पहुंचे। पिछले साल कोविड की दूसरी लहर के बाद सितंबर से पर्यटन की गाड़ी ने दोबारा रफ्तार पकड़ी थी।
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कोविड ने विदेशी यात्रियों के कदम रोके, एक साल में 36 ही पहुंचे
जम्मू। वर्ष 2021 में कोविड ने जम्मू कश्मीर में विदेशी नागरिकों के कदम रोके। जम्मू संभाग में ऐसे सिर्फ 36 नागरिक पहुंचे। इसमें 1 वैष्णो देवी और बाकी 35 जम्मू एयरपोर्ट से पहुंचे।
पर्यटन के बढ़ावे के लिए कई नई पहल
प्रदेश में 75 नए पर्यटन स्थलों का विस्तार किया जा रहा
जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में कोविड चुनौतियों के बीच उद्योग के साथ पर्यटन क्षेत्र के विस्तार के लिए कई पहल की गई हैं। इस साल प्रदेश में 75 नए पर्यटन स्थलों को भी देश दुनिया की नजर में लाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए कई स्थलों पर पर्यटन गतिविधियों को शुरू कर दिया गया है। इन गुमनाम स्थलों पर विशेष उत्सव करवाए जा रहे हैं।
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नए पर्यटन स्थलों में जम्मू संभाग में 38 स्थलों को चिह्नित किया गया है। जम्मू जिला की बात करें तो सुचेतगढ़, अंबारा, झज्जर कोटली और एथम शामिल हैं। इस साल आरएस पुरा स्थित भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय ऑक्ट्राय बीओपी पोस्ट पर वाघा बार्डर की तर्ज पर रिट्रीट सेरेमनी को शुरू किया गया। वर्तमान में कोविड के कारण इसे स्थगित किया गया है, लेकिन कुछ ही महीनों में सेरेमनी को देखने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों लोग पहुंचने लगे थे। आरएस पुरा स्थित घराना वेटलैंड की भूमि का विस्तार करके बॉर्डर पर्यटन को बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। इस वेटलैंड को ऑक्ट्राय बीओपी पोस्ट के साथ सड़क मार्ग से जोड़ने की योजना है, ताकि पर्यटन दोनों क्षेत्रों तक पहुंच सकें। इसी तरह जम्मू-सुरईंसर राजमार्ग पर स्थापित एथम में सफल पैराग्लाइडिंग के ट्रायल किए गए हैं और इसी माह पर्यटकों के लिए पेड सिस्टम पर इसे शुरू किया जा रहा है। अंबारा और झज्जर कोटली में भी पर्यटन गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। संभाग के अन्य जिलों में एडवेंचर (साहसिक) पर्यटन गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है। जिला उधमपुर के पंचैरी क्षेत्र में भी पर्यटन गतिविधियों का विस्तार किया गया है।
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आउटडोर पर्यटन गतिविधियों पर जोर : निदेशक
पर्यटन निदेशक जम्मू विवेकानंद राय ने कहा कि जम्मू संभाग में कोविड के दौरान भी पर्यटन गतिविधियों को जारी रखा गया है। पर्यटकों के लिए कोविड प्रोटोकाल का पालन करने के अलावा अन्य दूसरी कोई पाबंदी नहीं है। आगामी कोशिश की जा रही है कि अधिकांश आउटडोर पर्यटन गतिविधियां करवाई जाएं, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण दिया जाए।
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श्री माता वैष्णो देवी के दरबार में सबसे अधिक 5577240 तीर्थ यात्रियों ने लगाई हाजिरी
जम्मू। संभाग की अर्थव्यवस्था तीर्थ पर्यटन और पर्यटन स्थलों पर निर्भर है। वर्ष 2021 में संभाग के विभिन्न तीर्थ और पर्यटन स्थलों पर एक करोड़ से अधिक पर्यटक और तीर्थ यात्री पहुंचे। इसमें रियासी जिला में स्थित श्री माता वैष्णो देवी के दरबार में सबसे अधिक 5577240 तीर्थ यात्रियों ने हाजिरी की दी। इसी जिले में स्थित शिवखोड़ी में 1618628 तीर्थ यात्री पहुंचे। जिला राजोरी स्थित जियारत शादरा शरीफ में 1208561 तीर्थ यात्री पहुंचे। संभाग के प्रमुख पर्यटन स्थल पटनीटॉप में 668063, सनासर में 163667, मानसर में 289649, सुचेतगढ़ बार्डर पर 123815, भद्रवाह में 15227 पर्यटक पहुंचे। पिछले साल कोविड की दूसरी लहर के बाद सितंबर से पर्यटन की गाड़ी ने दोबारा रफ्तार पकड़ी थी।
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कोविड ने विदेशी यात्रियों के कदम रोके, एक साल में 36 ही पहुंचे
जम्मू। वर्ष 2021 में कोविड ने जम्मू कश्मीर में विदेशी नागरिकों के कदम रोके। जम्मू संभाग में ऐसे सिर्फ 36 नागरिक पहुंचे। इसमें 1 वैष्णो देवी और बाकी 35 जम्मू एयरपोर्ट से पहुंचे।
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पर्यटन के बढ़ावे के लिए कई नई पहल
प्रदेश में 75 नए पर्यटन स्थलों का विस्तार किया जा रहा
जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में कोविड चुनौतियों के बीच उद्योग के साथ पर्यटन क्षेत्र के विस्तार के लिए कई पहल की गई हैं। इस साल प्रदेश में 75 नए पर्यटन स्थलों को भी देश दुनिया की नजर में लाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए कई स्थलों पर पर्यटन गतिविधियों को शुरू कर दिया गया है। इन गुमनाम स्थलों पर विशेष उत्सव करवाए जा रहे हैं।
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नए पर्यटन स्थलों में जम्मू संभाग में 38 स्थलों को चिह्नित किया गया है। जम्मू जिला की बात करें तो सुचेतगढ़, अंबारा, झज्जर कोटली और एथम शामिल हैं। इस साल आरएस पुरा स्थित भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय ऑक्ट्राय बीओपी पोस्ट पर वाघा बार्डर की तर्ज पर रिट्रीट सेरेमनी को शुरू किया गया। वर्तमान में कोविड के कारण इसे स्थगित किया गया है, लेकिन कुछ ही महीनों में सेरेमनी को देखने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों लोग पहुंचने लगे थे। आरएस पुरा स्थित घराना वेटलैंड की भूमि का विस्तार करके बॉर्डर पर्यटन को बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। इस वेटलैंड को ऑक्ट्राय बीओपी पोस्ट के साथ सड़क मार्ग से जोड़ने की योजना है, ताकि पर्यटन दोनों क्षेत्रों तक पहुंच सकें। इसी तरह जम्मू-सुरईंसर राजमार्ग पर स्थापित एथम में सफल पैराग्लाइडिंग के ट्रायल किए गए हैं और इसी माह पर्यटकों के लिए पेड सिस्टम पर इसे शुरू किया जा रहा है। अंबारा और झज्जर कोटली में भी पर्यटन गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। संभाग के अन्य जिलों में एडवेंचर (साहसिक) पर्यटन गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है। जिला उधमपुर के पंचैरी क्षेत्र में भी पर्यटन गतिविधियों का विस्तार किया गया है।
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आउटडोर पर्यटन गतिविधियों पर जोर : निदेशक
पर्यटन निदेशक जम्मू विवेकानंद राय ने कहा कि जम्मू संभाग में कोविड के दौरान भी पर्यटन गतिविधियों को जारी रखा गया है। पर्यटकों के लिए कोविड प्रोटोकाल का पालन करने के अलावा अन्य दूसरी कोई पाबंदी नहीं है। आगामी कोशिश की जा रही है कि अधिकांश आउटडोर पर्यटन गतिविधियां करवाई जाएं, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण दिया जाए।