{"_id":"61c4de73b8d65a177c227075","slug":"jammu-kashmir-news-jammu-city-news-jmu2504491181","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: स्वास्थ्य ढांचे में सुधार के लिए बनी कमेटी एक माह में रिपोर्ट पेश करे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: स्वास्थ्य ढांचे में सुधार के लिए बनी कमेटी एक माह में रिपोर्ट पेश करे
Fri, 24 Dec 2021 02:09 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Dec 2021 02:09 AM IST
सार
प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे में सुधार को लेकर बनाई गई कमेटी अगले महीने में अपनी रिपोर्ट उच्च न्यायालय में पेश करेगी। इस मामले पर जुड़ी याचिका पर हाईकोर्ट में सुनावाई हुई। इसके बाद खंडपीठ ने सरकार को यह आदेश दिए।
विज्ञापन
कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।)
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू कश्मीर में स्वास्थ्य ढांचे में सुधार को लेकर बनाई गई कमेटी अगले एक महीने में अपनी रिपोर्ट उच्च न्यायालय में पेश करेगी। इसे लेकर मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश पुनीत गुप्ता वाली खंडपीठ ने वीरवार को इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की।
विज्ञापन
बता दें कि इसे लेकर 2018 में दो याचिकाएं दायर की गई थीं, जिसमें सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य ढांचे में सुधार करने की मांग की गई। तब उच्च न्यायालय ने एक कमेटी बनाई, जिसके अध्यक्ष पीजीआई चंडीगढ़ के पूर्व निदेशक डॉ. योगेश चावला बनाए गए। जम्मू और कश्मीर संभाग के स्वास्थ्य निदेशकों को उनकी मदद करने के लिए कहा गया।
विज्ञापन
उक्त कमेटी ने अस्पतालों का दौरा कर रिपोर्ट बनानी थी। वीरवार को जब यह मामला सुनवाई के लिए आया तो सरकार की तरफ से बताया गया कि कोविड की वजह से ऐसा संभव नहीं हो सका। इस पर न्यायालय ने कहा कि एक महीने के भीतर कमेटी की रिपोर्ट को न्यायालय में पेश किया जाए।
विज्ञापन
श्रीनगर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लिए चार हफ्ते में बनाएं कमेटी
श्रीनगर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को चलाने के लिए सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी नियुक्त करने के लिए कहा गया है। यह अधिकारी कम से कम अतिरिक्त जिला जज के पद का होना चाहिए। अगले चार हफ्तों में कमेटी बनानी होगी।
साथ ही प्रबंधक कमेटी को चलाने के लिए तीन महीने की बढ़ाई गई अवधि का आदेश भी रद्द कर दिया गया है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजीव कुमार ने वीरवार को उक्त मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। बता दें कि इस समय तमाम गुरुद्वारों की कमान जिला उपायुक्तों के पास है।