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नई तकनीक, प्रशिक्षण से खेती को मिलेगा बढ़ावा
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जम्मू। नई तकनीक, प्रशिक्षण और वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन से खेती को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। यह बात उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को राजभवन में शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ऑफ जम्मू (स्कॉस्ट-जे) की यूनिवर्सिटी काउंसिल की 19वीं बैठक में कही। उन्होंने विश्वविद्यालय की उन्नति के लिए काम करने को कहा। बैठक में समग्र कामकाज में गुणात्मक सुधार लाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में उपराज्यपाल ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में हो रहे परिवर्तन के तहत विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों और विस्तार गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही इसका मूल्यांकन किया जाए। उपराज्यपाल ने पिछले वर्षों से विश्वविद्यालय के ऑडिट के संचालन में हो रही देरी पर सख्ती से ध्यान देने को कहा। उन्होंने वित्तीय अनुशासन के लिए आंतरिक लेखा परीक्षकों को शामिल करने को कहा। नियमित आधार पर लेखा परीक्षा आयोजित करने के सख्त निर्देश पारित किए।
उन्होंने कहा कि कृषक समुदाय के बीच जागरूकता के लिए बीज उत्पादकों का सम्मेलन आयोजित किया जाए। नवीनतम तकनीकों के बारे में किसानों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जम्मू में उन्नत बागवानी अनुसंधान केंद्र की स्थापना हो रही है। फलों की हाईटेक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास में तेजी आई है और 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
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परिषद के सदस्यों ने नई शिक्षा नीति 2020 को अपनाने के संबंध में बहुमूल्य सुझाव और सिफारिशें दीं। स्कॉस्ट-जे के वीसी प्रो. जेपी शर्मा, कुलपति ने उपराज्यपाल को आउटरीच और अनुसंधान गतिविधियों, शिक्षाविदों, वित्तीय प्रणालियों और प्रशासनिक क्षेत्रों में किए गए सुधारों के अलावा संकाय सदस्यों और छात्रों की उपलब्धियों से अवगत कराया।
एसओ 192, 184 को अपनाया जाए
उन्होंने जम्मू के शिक्षण और समकक्ष पदों में आरक्षण, बीएससी बागवानी कार्यक्रम का संस्थानीकरण, गैर-शैक्षणिक पदों पर जम्मू और कश्मीर के नियमों के कार्यान्वयन के अलावा एसओ 192 और एसओ 184 को अपनाना को कहा।
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बैठक में उपराज्यपाल ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में हो रहे परिवर्तन के तहत विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों और विस्तार गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही इसका मूल्यांकन किया जाए। उपराज्यपाल ने पिछले वर्षों से विश्वविद्यालय के ऑडिट के संचालन में हो रही देरी पर सख्ती से ध्यान देने को कहा। उन्होंने वित्तीय अनुशासन के लिए आंतरिक लेखा परीक्षकों को शामिल करने को कहा। नियमित आधार पर लेखा परीक्षा आयोजित करने के सख्त निर्देश पारित किए।
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उन्होंने कहा कि कृषक समुदाय के बीच जागरूकता के लिए बीज उत्पादकों का सम्मेलन आयोजित किया जाए। नवीनतम तकनीकों के बारे में किसानों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जम्मू में उन्नत बागवानी अनुसंधान केंद्र की स्थापना हो रही है। फलों की हाईटेक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास में तेजी आई है और 70 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
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परिषद के सदस्यों ने नई शिक्षा नीति 2020 को अपनाने के संबंध में बहुमूल्य सुझाव और सिफारिशें दीं। स्कॉस्ट-जे के वीसी प्रो. जेपी शर्मा, कुलपति ने उपराज्यपाल को आउटरीच और अनुसंधान गतिविधियों, शिक्षाविदों, वित्तीय प्रणालियों और प्रशासनिक क्षेत्रों में किए गए सुधारों के अलावा संकाय सदस्यों और छात्रों की उपलब्धियों से अवगत कराया।
एसओ 192, 184 को अपनाया जाए
उन्होंने जम्मू के शिक्षण और समकक्ष पदों में आरक्षण, बीएससी बागवानी कार्यक्रम का संस्थानीकरण, गैर-शैक्षणिक पदों पर जम्मू और कश्मीर के नियमों के कार्यान्वयन के अलावा एसओ 192 और एसओ 184 को अपनाना को कहा।