जम्मू-कश्मीर: डीआरडीओ अस्पताल से वापस बुलाए 50 डॉक्टर, विभाग ने कहा- इस वजह से जरूरी थी वापसी
गत मई माह में कोविड संक्रमण के पीक के दौरान डीआरडीओ में जिला अस्पतालों से करीब 60 डॉक्टरों को अस्थायी तौर पर भेजा गया था। इसमें 5 बाल विशेषज्ञ, 9 बेहोशी, 6 फिजिशियन और 26 मेडिकल आफिसर (डॉक्टर) शामिल थे। इसके अलावा तीन उप अधीक्षक भी भेजे गए थे।
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जम्मू के भगवती नगर स्थित 500 बिस्तर वाले डीआरडीओ कोविड अस्पताल में अस्थायी तौर पर कार्यरत करीब 50 स्थायी डॉक्टरों को मूल स्थान पर वापस भेज दिया गया है। अस्पताल में कार्यरत तीन उप-अधीक्षकों को भी स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू में अगली नियुक्ति के लिए रिपोर्ट करने को कहा गया है। सभी डॉक्टर तत्काल प्रभाव से मूल स्थानों पर सेवाएं सुनिश्चित करेंगे। जम्मू में कोविड संक्रमित मामलों में गिरावट को देखते हुए डॉक्टरों को वापस भेजा गया है। अस्पताल में अब आठ अनुबंध डॉक्टर और एक अधीक्षक की ही सेवाएं ली जाएंगी।
आठ अनुबंध डॉक्टरों के अलावा अन्य अनुबंध पैरा मेडिकल स्टाफ को भी तैनात किया गया था, लेकिन डीआरडीओ के पूरी तरह से काम करने के समय संक्रमण पर लगभग नियंत्रण हो गया था, जिसके बाद अनलॉक गतिविधियों के बीच संक्रमित मामलों में लगातार गिरावट आती गई। हालांकि पिछले कुछ समय से संक्रमित मामलों में बढ़ोतरी हुई है। शादी विवाह और त्योहारी सीजन के बाद कोविड की तीसरी लहर की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, लेकिन स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मौजूदा कोविड परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी स्थायी डॉक्टरों को वापस उनके मूल स्थान पर भेज दिया है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जरूरी थी डॉक्टरों की वापसी : अतिरिक्त मुख्य सचिव
स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान कोविड परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए डीआरडीओ जम्मू में स्थायी डॉक्टरों को उनके मूल स्थान पर वापस भेजा गया है। इन डॉक्टरों के वापस जाने से संबंधित जिलों में लोगों की चिकित्सा देखभाल बेहतर होगी। फिलहाल डीआरडीओ को बंद करने की योजना नहीं है। वहां अनुबंध डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ कार्यरत है। डीआरडीओ श्रीनगर से भी स्थायी डॉक्टरों को मूल स्थानों पर भेजा जा रहा है।