{"_id":"65f40091d879f68a8d006cea","slug":"jammu-kashmir-maharashtra-guest-house-to-be-built-in-budgam-land-identified-2024-03-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू कश्मीर: बडगाम में बनेगा महाराष्ट्र गेस्ट हाउस, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 2.5 एकड़ जमीन की पहचान की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू कश्मीर: बडगाम में बनेगा महाराष्ट्र गेस्ट हाउस, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 2.5 एकड़ जमीन की पहचान की
Fri, 15 Mar 2024 01:32 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 15 Mar 2024 01:32 PM IST
सार
अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद महाराष्ट्र जम्मू-कश्मीर में सरकारी गेस्ट हाउस बनाने वाला पहला राज्य है। यह गेस्ट हाउस मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के इछगाम में 2.5 एकड़ भूमि में बनाया जाएगा।
विज्ञापन
Jammu kashmir Government
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश सरकार ने कश्मीर में महाराष्ट्र गेस्ट हाउस के निर्माण के लिए हरी झंडी दे दी है। इसके लिए भूमि की पहचान कर ली गई है। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद महाराष्ट्र जम्मू-कश्मीर में सरकारी गेस्ट हाउस बनाने वाला पहला राज्य है। यह गेस्ट हाउस मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के इछगाम में 2.5 एकड़ भूमि में बनाया जाएगा, जो श्रीनगर हवाई अड्डे के समीप और रेलवे स्टेशन से भी पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर राजस्व विभाग के एक नोट में लिखा गया है कि महाराष्ट्र भवन निर्माण के लिए 8.16 करोड़ रुपये के हस्तांतरण मूल्य जो कि 40.8 लाख रुपये प्रति कनाल है, के भुगतान पर महाराष्ट्र के पक्ष में इछगाम (बडगाम) में स्थित 20 कनाल की शामलात भूमि के हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पिछले साल जून में जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात कर यहां जमीन खरीदने और एक पर्यटक सुविधा केंद्र के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की थी। इसका उद्देश्य महाराष्ट्र के पर्यटकों और अधिकारियों के लिए आरामदायक आवास और सुविधाएं प्रदान करना है।
विज्ञापन
बता दें कि 2019 से पहले जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के चलते यहां कोई बाहरी जमीन नहीं खरीद सकता था और इसको रद्द करने से पहले केवल स्थायी निवासी ही राज्य में जमीन खरीद सकते थे। हालांकि, जम्मू-कश्मीर सरकार उद्योगों और बाहर से आए लोगों को 99 साल तक की लंबी लीज के लिए जमीन पट्टे पर दे सकती थी, जोकि अब पूरी तरह से निष्कासित किया गया है।