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श्रीनगर में अगले वर्ष मार्च में खुलेगा पहला मल्टीप्लेक्स
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श्रीनगर। कश्मीर घाटी के लोगों का बॉलीवुड से प्यार जगजाहिर है। यहां की युवा पीढ़ी का अपने चहेते फिल्मी सितारों को सिल्वर स्क्रीन पर देखने का सपना अब घर में ही पूरा हो सकेगा। सरकार ने श्रीनगर शहर में पहले मल्टीप्लेक्स के निर्माण को मंजूरी दे दी है। संपूर्ण निर्माण प्रक्रिया अपनी रफ्तार से चलती रही तो अगले वर्ष मार्च में सिनेमाघर दर्शकों के लिए उपलब्ध होगा।
सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर के बादामी बाग छावनी इलाके में बने पुराने ब्रॉडवे थिएटर के मालिक और प्रमुख व्यवसायी व्यवसायी विजय धर इस पुराने थियेटर के स्थान पर मल्टीप्लेक्स बना रहे हैं। इस मल्टीप्लेक्स के पूरा होने पर 1990 के बाद यह पहला मौका होगा जब घाटी में दर्शक सिनेमाघर का आनंद उठा सकेंगे।
90 के दशक में आतंकियों ने बंद करा दिए थे सिनेमाघर
सूत्रों ने बताया कि 80 के दशक में कश्मीर घाटी में 15 सिनेमा घर चल रहे थे। 1990 के शुरुआती दशक में जब अलगाववादी हिंसा शुरू हुई तो आतंकी संगठनों ने सभी सिनेमा हाल मालिकों को धमकी देकर इन्हें बंद करा दिया गया। रीगल,पैलेडियम, खायम, फिरदौस, शाह सिनेमा, नीलम, शिराज और ब्रॉडवे थिएटर 1990 के दशक की शुरुआत में बंद हो गए। 1999 में श्रीनगर में रीगल, नीलम और ब्रॉडवे फिर चालू हुए परंतु इनका अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहा, आतंकियों ने पुन: इन्हें बंद करा दिया।
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खाली सिनेमा घरों को सुरक्षा बलों ने बनाया ठिकाना
इनमें से कई सिनेमा घरों को आतंकियों ने आग लगाकर नष्ट कर दिया। खाली पड़े इन सिनेमा घरों शाह सिनेमा, शिराज, पैलेडियम और फिरदौस जैसे कुछ सिनेमा घरों को सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने ठिकाने बना लिए। बदामीबाग स्थित ब्रॉडवे सिनेमा की इमारत भी आगजनी के कारण नष्ट हो गई। इसके बाद तीन दशक तक खामोशी छाई रही।
व्यवसायी धर को मिली अनुमति
ब्रॉडवे के मालिक विजय धर ने मनोरंजन की परंपरा को जारी रखने के लिए पुराने थियेटर के स्थान पर मल्टीप्लेक्स बनाने का फैसला किया। इसके निर्माण में तकनीकि दिक्कत थी लैंड यूज में बदलाव, जिसे धर परिवार ने हासिल कर लिया।
इमारत की दो मंजिलें तैयार
सोनावर इलाके में इस मल्टीप्लेक्स की पांच मंजिला बिल्डिंग प्रस्तावित है। जिसकी पहली दो मंजिलों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। टक्साल हॉस्पिटैलिटी के प्रबंध निदेशक विजय धर के पिता 1974 में तत्कालीन शेख अब्दुल्ला सरकार में उप गृह मंत्री भी रह चुके हैं।
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सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर के बादामी बाग छावनी इलाके में बने पुराने ब्रॉडवे थिएटर के मालिक और प्रमुख व्यवसायी व्यवसायी विजय धर इस पुराने थियेटर के स्थान पर मल्टीप्लेक्स बना रहे हैं। इस मल्टीप्लेक्स के पूरा होने पर 1990 के बाद यह पहला मौका होगा जब घाटी में दर्शक सिनेमाघर का आनंद उठा सकेंगे।
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90 के दशक में आतंकियों ने बंद करा दिए थे सिनेमाघर
सूत्रों ने बताया कि 80 के दशक में कश्मीर घाटी में 15 सिनेमा घर चल रहे थे। 1990 के शुरुआती दशक में जब अलगाववादी हिंसा शुरू हुई तो आतंकी संगठनों ने सभी सिनेमा हाल मालिकों को धमकी देकर इन्हें बंद करा दिया गया। रीगल,पैलेडियम, खायम, फिरदौस, शाह सिनेमा, नीलम, शिराज और ब्रॉडवे थिएटर 1990 के दशक की शुरुआत में बंद हो गए। 1999 में श्रीनगर में रीगल, नीलम और ब्रॉडवे फिर चालू हुए परंतु इनका अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहा, आतंकियों ने पुन: इन्हें बंद करा दिया।
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खाली सिनेमा घरों को सुरक्षा बलों ने बनाया ठिकाना
इनमें से कई सिनेमा घरों को आतंकियों ने आग लगाकर नष्ट कर दिया। खाली पड़े इन सिनेमा घरों शाह सिनेमा, शिराज, पैलेडियम और फिरदौस जैसे कुछ सिनेमा घरों को सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने ठिकाने बना लिए। बदामीबाग स्थित ब्रॉडवे सिनेमा की इमारत भी आगजनी के कारण नष्ट हो गई। इसके बाद तीन दशक तक खामोशी छाई रही।
व्यवसायी धर को मिली अनुमति
ब्रॉडवे के मालिक विजय धर ने मनोरंजन की परंपरा को जारी रखने के लिए पुराने थियेटर के स्थान पर मल्टीप्लेक्स बनाने का फैसला किया। इसके निर्माण में तकनीकि दिक्कत थी लैंड यूज में बदलाव, जिसे धर परिवार ने हासिल कर लिया।
इमारत की दो मंजिलें तैयार
सोनावर इलाके में इस मल्टीप्लेक्स की पांच मंजिला बिल्डिंग प्रस्तावित है। जिसकी पहली दो मंजिलों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। टक्साल हॉस्पिटैलिटी के प्रबंध निदेशक विजय धर के पिता 1974 में तत्कालीन शेख अब्दुल्ला सरकार में उप गृह मंत्री भी रह चुके हैं।