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जम्मू-कश्मीर: यदि अंगदान करना चाहते हैं तो अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते हुए मिलेगा मौका
Thu, 25 Mar 2021 12:26 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 25 Mar 2021 12:26 PM IST
सार
- ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन के दौरान फार्म में रखा गया है अंगदान करने का कॉलम
- प्रदेश परिवहन विभाग के पास नहीं डाटा, कितने लोग करना चाहते हैं अंगदान
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विस्तार
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के दौरान अब लोग अंगदान करने की इच्छा जाहिर कर सकते हैं। लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन के दौरान फार्म भरने पर लोगों से पूछा जा रहा है कि क्या आप अंगदान करना चाहते हैं। फार्म में ऑर्गन डोनेट करने की बात अंकित की गई है, ताकि हादसे के बाद अंगदान करवाया जा सके।
इससे विकल्प के अंकित होने पर अब परिवार के अन्य लोगों से अंगदान की सहमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि परिवहन विभाग अभी न तो लाइसेंस पर इसे प्रिंट करवा रहा है और न ही उसके पास ऐसा कोई डाटा उपलब्ध है कि कितने लोग अंगदान करने की इच्छा जता रहे हैं।
यह भी पढ़ें- डीएसपी दविंदर मामले में महबूबा का आया नाम, एक बार की थी आतंकी नवीद से बात
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अंगदान स्वैच्छिक रूप से ही होगा, अब प्रदेश में लाइसेंस रिन्यू करवाने के समय भी अंगदान करने का विकल्प अंकित किया जाएगा। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में सड़क हादसों में कई लोगों की मौत हो जाती है। सड़क हादसों में घायल लोगों को मरने वाले का अंग लगाया जा सकता है। इसके लिए विभाग को अलग से किसी से अनुमित लेने की जरूरत नहीं होगी।
यह डाटा उपलब्ध नहीं है कि कितने लोगों ने अंगदान करने की इच्छा जताई है। यह डाटा सारथी वेबसाइट के डाटाबेस पर होता है। - प्रदीप कुमार, आयुक्त परिवहन विभाग
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इससे विकल्प के अंकित होने पर अब परिवार के अन्य लोगों से अंगदान की सहमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि परिवहन विभाग अभी न तो लाइसेंस पर इसे प्रिंट करवा रहा है और न ही उसके पास ऐसा कोई डाटा उपलब्ध है कि कितने लोग अंगदान करने की इच्छा जता रहे हैं।
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अंगदान स्वैच्छिक रूप से ही होगा, अब प्रदेश में लाइसेंस रिन्यू करवाने के समय भी अंगदान करने का विकल्प अंकित किया जाएगा। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में सड़क हादसों में कई लोगों की मौत हो जाती है। सड़क हादसों में घायल लोगों को मरने वाले का अंग लगाया जा सकता है। इसके लिए विभाग को अलग से किसी से अनुमित लेने की जरूरत नहीं होगी।
यह डाटा उपलब्ध नहीं है कि कितने लोगों ने अंगदान करने की इच्छा जताई है। यह डाटा सारथी वेबसाइट के डाटाबेस पर होता है। - प्रदीप कुमार, आयुक्त परिवहन विभाग