जम्मू कश्मीर: घाटी में पहले भी दो लड़कियां बेच चुके हैं मानव तस्करी के आरोपी, सहारनपुर में की गई थी पहली डील
म्यांमार से नाबालिग लड़कियों को श्रीनगर में बेचने का मामले में लगातार कार्रवाई चल रही है। दिल्ली पहुंचने पर डील फाइनल होने के बाद श्रीनगर ले जाई जा रहीं पांच लड़कियों को पुलिस ने जम्मू में बरामद किया था।
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मानव तस्करी के आरोपी पहले भी कश्मीर घाटी में दो लड़कियों को बेच चुके हैं। अब पांच लड़कियों को बेचने आए थे। म्यांमार से नाबालिग लड़कियों को सहारनपुर में बेचने की डील हुई थी, लेकिन बाद में डील रद्द कर दी गई। इसके बाद श्रीनगर में डील हुई।
इसके अनुसार हर लड़की के लिए एक-एक लाख रुपये देने पर सहमति बनी। दलाल ने दिल्ली से जम्मू आने और यहां पर रुकने के बाद श्रीनगर चलने के लिए कहा था। जम्मू बस स्टैंड में श्रीनगर रवाना होने से पहले ही एक संगठन ने पुलिस को सूचित किया और सबको हिरासत में ले लिया गया।
अभी तक हुई पूछताछ से सामने आया है कि इससे पहले भी एक बार आरोपी श्रीनगर जा चुके हैं और दो लड़कियां बेच चुके हैं। लड़कियां खरीदने वाले दलाल श्रीनगर में बैठे हैं। यहां से डील फाइनल होती है और लड़कियां बताए गए पते पर पहुंचाई जाती हैं।
इसके बाद राशि बांटी जाती है। लड़कियां लाने के बाद कुछ दिन तक श्रीनगर में आरोपी रुकते हैं और फिर दिल्ली के लिए रवाना होते हैं। अब पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर खंगालना शुरू कर दी है।
मोबाइल में संपर्क वाले नंबरों को खंगाला जा रहा है और अब पुलिस आरोपियों तक पहुंचेगी। हिरासत में ली गई दोनों महिलाओं के आधार कार्ड भी भारत में ही बने हैं। शनिवार को म्यांमार से नाबालिग लड़कियों को भारत लाकर श्रीनगर में बेचने का मामला सामने आया था।
दिल्ली पहुंचने पर डील फाइनल होने के बाद श्रीनगर ले जाई जा रहीं पांच लड़कियों को पुलिस ने जम्मू में बरामद किया। मानव तस्करी के आरोप में पुलिस ने दो महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
महिलाओं को महिला सेल और पुरुषों को पुलिस थाने, दो बच्चों को बाल गृह और पांच नाबालिग लड़कियों को नारी निकेतन भेजा गया है।
यह है पूरा मामला
पांच लड़कियों को शुक्रवार को जम्मू लाया गया। यहां एक बाल कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं को शक हुआ। लड़कियों का पहनावा और भाषा अलग थी। शक गहराने पर कार्यकर्ताओं ने कुछ जानकारी जुटाकर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने जब इन लोगों को पकड़कर पूछताछ की तो मानव तस्करी की बात सामने आ गई।
गहन पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सभी म्यांमार के रहने वाले हैं। म्यांमार से दिल्ली पहुंचने पर फोन के जरिये तय हुआ था कि लड़कियों को श्रीनगर में बेचा जाएगा। वहीं, नाबालिग लड़कियों को बताया गया था कि उन्हें श्रीनगर पहुंचकर अच्छा रहने, अच्छा खाने को मिलेगा।
उनकी गरीबी दूर हो जाएगी। लड़कियों को भनक नहीं लगने दी गई थी कि उन्हें पैसे लेकर किसी को सौंपा जाएगा। मामले का खुलासा होते ही पुलिस ने आईपीसी की धारा 370 और 420 के तहत मामला दर्ज किया है।