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J&K:हाईकोर्ट ने 1 महीनें में हादसों में हुई 48 मौत के मामले में परिवहन आयुक्त से जांच रिपोर्ट की तलब
Wed, 17 Jul 2019 01:20 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 17 Jul 2019 01:20 AM IST
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जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल
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जम्मू-कश्मीर की मुगल रोड पर 11 छात्रों और किश्तवाड़ में 37 लोगों की मौत पर हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। परिवहन आयुक्त को मुगल रोड हादसे की जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया गया है। साथ ही हाईकोर्ट ने सरकार के सामने कई सवाल किए हैं, जिनके तीन हफ्तों के भीतर जवाब देने होंगे।
पुंछ के रहने वाले वकील इंतखाब अहमद काजी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर मुगल रोड और डोडा व किश्तवाड़ जिले में मौत के तांडव का मामला उठाया था। मंगलवार को ओपन कोर्ट में सुनवाई करते हुए जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और जस्टिस सिंधु शर्मा वाली खंडपीठ ने सड़क हादसों पर कड़ा रोष जताया।
मुगल रोड और किश्तवाड़ की घटना को बड़ी लापरवाही माना गया है। परिवहन विभाग की लापरवाही और रैश ड्राइविंग की वजह से दोनों हादसे हुए। हाईकोर्ट ने इन हादसों को लेकर कई आदेश दिए हैं और कई सवाल तय किए हैं, जिनके सरकार को तीन हफ्तों के भीतर जवाब देना होगा।
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याचिका कर्ता ने एसआरटीओ पुंछ, एआरटीओ शोपियां, एसपी ट्रैफिक रूरल जम्मू/कश्मीर, एसएचओ सुरनकोट के खिलाफ लापरवाही और कर्तव्य से ड्यूटी न निभाने को लेकर जांच और कार्रवाई करने की मांग की है। इंतखाब ने यह याचिका मुगल रोड पर 11 छात्रों की मौत मामले को लेकर दायर की है।
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पुंछ के रहने वाले वकील इंतखाब अहमद काजी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर मुगल रोड और डोडा व किश्तवाड़ जिले में मौत के तांडव का मामला उठाया था। मंगलवार को ओपन कोर्ट में सुनवाई करते हुए जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और जस्टिस सिंधु शर्मा वाली खंडपीठ ने सड़क हादसों पर कड़ा रोष जताया।
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मुगल रोड और किश्तवाड़ की घटना को बड़ी लापरवाही माना गया है। परिवहन विभाग की लापरवाही और रैश ड्राइविंग की वजह से दोनों हादसे हुए। हाईकोर्ट ने इन हादसों को लेकर कई आदेश दिए हैं और कई सवाल तय किए हैं, जिनके सरकार को तीन हफ्तों के भीतर जवाब देना होगा।
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याचिका कर्ता ने एसआरटीओ पुंछ, एआरटीओ शोपियां, एसपी ट्रैफिक रूरल जम्मू/कश्मीर, एसएचओ सुरनकोट के खिलाफ लापरवाही और कर्तव्य से ड्यूटी न निभाने को लेकर जांच और कार्रवाई करने की मांग की है। इंतखाब ने यह याचिका मुगल रोड पर 11 छात्रों की मौत मामले को लेकर दायर की है।
कोर्ट ने सरकार के लिए तय सवाल
तीन हफ्तों में अपना जवाब दें ये अधिकारी
गृह विभाग के प्रधान सचिव, परिवहन आयुक्त, पीडब्लयूडी, शिक्षा विभाग, डीजीपी, राजोरी, पुंछ, शोपियां के डीसी, ट्रैफिक पुलिस के आईजी, चीफ इंजीनियर मुगल रोड, आरटीओ जम्मू, कश्मीर, एआरटीओ, पुंछ, राजोरी, शोपियां को तीन हफ्तों में जवाब देना होगा।
दौड़ रहे अनफिट वाहन
याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट शकील अहमद ने दलीलें पेश करते हुए कहा कि डोडा, किश्तवाड़, मुगल रोड, पहाड़ी इलाकों में सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण इन इलाकों में दौड़ने वाले अनफिट व्यवसायिक वाहन हैं। संबंधित विभाग चालकों के हाथों के दस्तानें बनकर रह गए हैं। इनके ऊपर कोई चेकिंग नहीं होती। मुगल रोड की हालत भी खस्ता है, जो सड़क हादसों का सबब बनती है।
- राजोरी और पुंछ जिलों में ट्रैफिक रेगुलेट करने के लिए कितने मुलाजिम हैं?
- डोडा जिले के दुर्गम इलाकों में कितने ट्रैफिक पुलिस कर्मी है?
- मुगल रोड पर एक्सीडेंट के दिन तैनात अफसरों पर कार्रवाई क्या हुई, या सुपरविजन में लापरवाही हुई, इसका ट्रैफिक पुलिस के आईजी जवाब दें?
- दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर 15 साल से अधिक पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाने और रैश ड्राइविंग में संलिप्त एक ही चालक का लाइसेंस रद्द करने के सवाल तय किए गए हैं?
तीन हफ्तों में अपना जवाब दें ये अधिकारी
गृह विभाग के प्रधान सचिव, परिवहन आयुक्त, पीडब्लयूडी, शिक्षा विभाग, डीजीपी, राजोरी, पुंछ, शोपियां के डीसी, ट्रैफिक पुलिस के आईजी, चीफ इंजीनियर मुगल रोड, आरटीओ जम्मू, कश्मीर, एआरटीओ, पुंछ, राजोरी, शोपियां को तीन हफ्तों में जवाब देना होगा।
दौड़ रहे अनफिट वाहन
याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट शकील अहमद ने दलीलें पेश करते हुए कहा कि डोडा, किश्तवाड़, मुगल रोड, पहाड़ी इलाकों में सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण इन इलाकों में दौड़ने वाले अनफिट व्यवसायिक वाहन हैं। संबंधित विभाग चालकों के हाथों के दस्तानें बनकर रह गए हैं। इनके ऊपर कोई चेकिंग नहीं होती। मुगल रोड की हालत भी खस्ता है, जो सड़क हादसों का सबब बनती है।