सरकारी आदेश न मानने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, मरीज पूरी तरह ठीक होने तक घर नहीं जाएगा- हाईकोर्ट
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जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिया है कि किसी भी सरकारी आदेश का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। कोरोना से जुड़ी याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सिंधु शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश दिए हैं।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस मामले पर कई मामलों की सुनवाई की गई। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि आदेश न मानने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यह भी कहा कि कोई भी मरीज तब तक अपने घर नहीं जाए, जब तक उसका सही से इलाज नहीं हो जाता।
हाईकोर्ट ने प्रवासी मजदूरों की मदद करने का आदेश भी दिया है। कहा कि मजदूरों को स्वास्थ्य संबंधी देखभाल, खाने-पीने और उनके रहने की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों और लोगों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करने को कहा।
पुलिस को बदसलूकी न करने के निर्देश, आईजी से रिपोर्ट मांगी
युवा वकील एसोसिएशन के प्रधान नितिन बख्शी ने कोर्ट में जानकारी दी कि शहर में कई जगह पुलिस हिंसा पर उतर आई है। लोगों से पुलिसकर्मी बदसलूकी कर रहे हैं। इसका वीडियो भी बनाकर भेजा गया है। बख्शी ने यह वीडियो हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को ई-मेल के जरिए भेजा।
इस पर कोर्ट ने कहा कि अभी इस पर जांच का वक्त नहीं है। हालांकि, आईजी से इसकी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही पुलिस को ऐसा न करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह एडवोकेट फैजल कादरी ने कोर्ट में बताया कि श्रीनगर के दो अस्पतालों में कोरोना के मरीज डॉक्टरों से बदसलूकी कर रहे हैं। मरीजों ने स्वास्थ्य ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया है। खंडपीठ ने मामले में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और अन्य को ध्यान देने के लिए कहा है।
वैष्णो देवी में फंसे 400 श्रद्धालुओं को जरूरी वस्तुएं मुहैया कराएं सीईओ
एडवोकेट मोनिका कोहली ने कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बताया कि श्री माता वैष्णो देवी के द्वार पर बिहार के 400 श्रद्धालु फंसे हुए हैं। इनके पास अपने घर पहुंचने का साधन नहीं है। सभी लॉकडाउन के कारण फंस गए थे। अब इनको वहां से जाने के लिए कहा जा रहा है। हाईकोर्ट ने श्राइन बोर्ड के सीईओ से कहा है कि इनको वहां से न निकाला जाए। इनको हर जरूरी वस्तु मुहैया कराई जाए।
देश-विदेश में मौजूद लोगों का भी रखें ख्याल
हाईकोर्ट के पास कई ई-मेल पहुंची हैं। इसके जरिए विदेश में रहने वाले जम्मू-कश्मीर के लोगों ने कहा है कि उन्हें वहां पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय को मामले में हस्तक्षेप कर इनकी मदद करने को कहा।