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जम्मू कश्मीर: आजाद बोले- सत्ता में आने पर रोशनी अधिनियम लाएंगे वापस, कब्जा करने वालों को देंगे मालिकाना हक

Fri, 24 Feb 2023 04:45 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Fri, 24 Feb 2023 04:45 PM IST
सार

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के प्रकोप के कारण भी लोगों की कमर टूट गई, राशन की आपूर्ति 35 किलोग्राम से घटाकर पांच किलोग्राम कर दी गई है। ऐसे में लोगों को कोई राहत नहीं मिली है। उनकी कोई आमदनी नहीं है, ऐसे में वे टैक्स कैसे देंगे।

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Jammu Kashmir: ghulam nabi Azad said bring back the Roshni Act if his party come to power
Ghulam Nabi Azad - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार को प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार होने तक संपत्ति कर लगाने को कुछ साल के लिए स्थगित कर देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी पार्टी निर्वाचित होती है तो सत्ता में आने पर रोशनी अधिनियम को वापस लाएगी। इसके तहत राज्य भूमि पर कब्जा करने वालों को मालिकाना हक दिया गया था।

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दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में पत्रकारों से बात करते हुए आजाद ने कहा कि पिछले 35 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में आर्थिक स्थिति आतंकवाद के चलते खराब हो गई है। उन्होंने कहा, बेरोजगारी, मुद्रास्फीति कई गुना बढ़ गई है। पर्यटन, हस्तकला, बागवानी को बहुत नुकसान हुआ है। व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों, दुकानदारों सहित जम्मू-कश्मीर के लोगों को नुकसान हुआ है। लखनपुर से तंगधार तक कोई भी व्यक्ति नहीं है, जिसे नुकसान नहीं हुआ हो। ऐसे में जब हम उनसे जमीन ले रहे हैं, बिजली शुल्क बढ़ा रहे हैं, तो हम संपत्ति कर देने की स्थिति में नहीं हैं।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया, 2019 में जम्मू-कश्मीर को यूटी में बदल दिया गया। कोविड के प्रकोप के कारण भी लोगों की कमर टूट गई, राशन की आपूर्ति 35 किलोग्राम से घटाकर पांच किलोग्राम कर दी गई है। ऐसे में लोगों को कोई राहत नहीं मिली है। उनकी कोई आमदनी नहीं है, ऐसे में वे टैक्स कैसे देंगे। 
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उन्होंने कहा कि हमारे लोगों को टैक्स देने में दिक्कत नहीं है, लेकिन पहले इनकम होनी चाहिए। हम जानते हैं कि टैक्स से हमें फायदा होगा, लेकिन लोगों के पास पहले टैक्स देने की ताकत होनी चाहिए, पहले पैसा होना चाहिए। अभी खुद को बनाए रखने के लिए उनके पास पैसा नहीं है, टैक्स कैसे देंगे ? इसलिए मैं सरकार से अपील करूंगा कि जब तक हमारी आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं हो जाती, तब तक इसे चार-पांच साल तक रोका जाए।

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