Jammu Election: पहले चरण के लिए नामांकन करने पहुंच रहे उम्मीदवार, उमर अब्दुल्ला बोले- ये चुनाव भाजपा के खिलाफ
जम्मू कश्मीर में होने वाले तीन चरणों के चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन है। कई बड़े नेताओं ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आज नामांकन भरने का आखिर दिन है। पहले चरण में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र भर रहे हैं। उमर अब्दुल्ला बिजबेहरा सीट के लिए अपने उम्मीदवार बशीर अहमद वीरी के साथ जाने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमारे भी उम्मीदवार आज नामांकन भरेंगे। हमने अपना मैनिफेस्टो लोग के सामने रखा है। कांग्रेस के साथ एक सीट शेयरिंग एग्रीमेंट तय किया। कोशिश ये रही कि भाजपा और उनके समर्थक दलों के खिलाफ मिलकर एक ही मोर्चा खड़ा करें और उनके खिलाफ चुनाव लड़ें ताकि कामयाबी की संभावना और ज्यादा बढ़ जाए। इसमें मुझे इस बात का एहसास है कि कई सारे हमारे ऐसे साथी हैं जिन्होंने पांच दस साल बहुत ज्यादा मेहनत की। और वो तमन्ना रखते थे नेकां की टिकट पर चुनाव लड़ना।
आगे कहा कि इस सीट शेयरिंग में बदकिस्मती से उनमें से कुछ रह गए। हमें उस बात का अफसोस भी है और हम चाहेंगे कि आगे जाकर उनकी भरपाई हो जाएगी। उनको भी न केवल संगठन की बल्कि लोगों की खिदमत करने का मौका मिले। अंदरूनी विवाद को लेकर उन्होंने कहा ऐसा होता रहता है।
बिजबिहाड़ा सीट को लेकर मुझे यह खुशी नहीं कि बशीर अहमद वीरी को मैंडेट मिला है बल्कि खुशी इस बात की है कि उनका भाई वापिस आया है। सियासत की वजह से किसी के घर में तनाव हो मुझे अच्छा नहीं लगता क्योंकि हम भी इसकी वजह से काफी प्रभावित हुए है। दोनो भाइयों को एक साथ देख खुशी हुई है।
जेल में बंद मौलवी सरजन बरकती निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे
आतंकी फंडिंग मामले में जेल में बंद लोकप्रिय धार्मिक मौलवी सरजन अहमद वागे जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि वे आज डीसी ऑफिस शोपियां में नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
उन्होंने बताया कि वे बरकती के पैतृक गांव रेबन में स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर चुके हैं और नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए शोपियां की ओर रवाना होंगे। नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले बरकती की बेटी के प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की उम्मीद है। हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की हत्या के बाद 2016 में हुए आंदोलन का चेहरा रहे बरकती को एक अक्टूबर 2016 को गिरफ्तार किया गया था और अक्टूबर 2020 में रिहा किया गया था।
बाद में उन्हें पिछले साल अगस्त में राज्य जांच एजेंसी ने आतंकी फंडिंग मामले में फिर से गिरफ्तार किया था और अभी भी हिरासत में हैं। बाद में उनकी पत्नी को भी गिरफ्तार किया गया था। डॉ. तलत पूर्व अमीर जमात ए इस्लामी ने आज पुलवामा निर्वाचन क्षेत्र के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।