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रामलीला में विश्वामित्र बनने के लिए स्पेन से आते हैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल
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रियासी। रियासी की रामलीला में विश्वामित्र का किरदार निभाने वाले कलाकार को यह आयोजन स्पेन के बार्सिलोना शहर से खींच लाता है। रियासी के वार्ड 11 निवासी अतुल केसर लंबे समय से रामलीला में पात्र निभा रहे हैं। चार साल पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल की नौकरी स्पेन में लगी। साल भर छुट्टी न लेकर अतुल शारदीय नवरात्र में ही एक माह का अवकाश लेते हैं। यही नहीं, विश्वामित्र के किरदार में बनावट न लगे, इसके लिए अतुल नकली न लगाकर असली दाढ़ी बढ़ाते हैं। इन दिनों वे रिहर्सल में व्यस्त हैं।
अतुल ने बताया कि वह कई वर्षों से श्री दुर्गा नाटक मंडली के साथ जुडे़ हैं। इस दौरान उन्होंने रामलीला में जितना हो सका, योगदान दिया है। चार वर्ष पहले उनकी नौकरी बार्सिलोना में लगी थी। देश वापस आने के लिए उन्हें छुट्टी मिलती रहती है, लेकिन वह सिर्फ नवरात्र में ही छुट्टी लेना पसंद करते हैं।
छुट्टी मनाने के साथ वह रामलीला में होने वाले दृश्यों कैलाश तलहटी, साधु-संतों का यज्ञ, राम-लक्ष्मण को शिक्षा देना, ताड़का वध और सीता स्वयंवर में गुरू विश्वामित्र का किरदार निभाते हैं। इसके अलावा मंडली उनसे अन्य काम भी लेती है। गुरू विश्वामित्र के किरदार में पूर्ण रूप से ढलने के लिए उन्होंने अपने बाल और दाढ़ी बढ़ाई है। वह रामलीला में विग लगाने की बजाय वास्तविकता पर ध्यान दे रहे हैं।
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अतुल ने बताया कि वह कई वर्षों से श्री दुर्गा नाटक मंडली के साथ जुडे़ हैं। इस दौरान उन्होंने रामलीला में जितना हो सका, योगदान दिया है। चार वर्ष पहले उनकी नौकरी बार्सिलोना में लगी थी। देश वापस आने के लिए उन्हें छुट्टी मिलती रहती है, लेकिन वह सिर्फ नवरात्र में ही छुट्टी लेना पसंद करते हैं।
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छुट्टी मनाने के साथ वह रामलीला में होने वाले दृश्यों कैलाश तलहटी, साधु-संतों का यज्ञ, राम-लक्ष्मण को शिक्षा देना, ताड़का वध और सीता स्वयंवर में गुरू विश्वामित्र का किरदार निभाते हैं। इसके अलावा मंडली उनसे अन्य काम भी लेती है। गुरू विश्वामित्र के किरदार में पूर्ण रूप से ढलने के लिए उन्होंने अपने बाल और दाढ़ी बढ़ाई है। वह रामलीला में विग लगाने की बजाय वास्तविकता पर ध्यान दे रहे हैं।
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