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जम्मू-कश्मीर: सीबीआई ने एएसआई को रिश्वत लेते पकड़ा, आरोपी के घर की भी ली गई तलाशी
Sun, 29 Aug 2021 09:25 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sun, 29 Aug 2021 09:25 PM IST
सार
कठुआ सिटी पुलिस थाने में कार्रवाई। जब्त ट्रक को छोड़ने के लिए मांगे थे साढ़े तीन लाख, 1.20 लाख में तय हुई बात। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जाल बिछाकर थाने से पकड़ा।
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सीबीआई
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
भ्रष्टाचार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने रविवार को कठुआ सिटी थाने में तैनात एक एएसआई को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। थाने में घंटों चली कार्रवाई के दौरान सीबीआई की ओर से आरोपी एएसआई से पूछताछ की गई। आरोपी के घर को भी खंगाला गया। अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में पुलिस से जुड़े भ्रष्टाचार मामले पर यह सीबीआई की पहली कार्रवाई है।
सीबीआई टीम के साथ सिटी थाने पहुंचे शिकायतकर्ता जालंधर निवासी देविंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें रिश्वत के लिए लगातार परेशान किया जा रहा था। शनिवार को ही सीबीआई के जम्मू कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद टीम ने दबिश देकर मौके पर ही एएसआई को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में अपना ट्रक किराए पर किसी को दिया था। लेकिन उसने ट्रक का दुरुपयोग पशु तस्करी के लिए किया।
कठुआ पुलिस की टीम ने वाहन को जब्त कर लिया। जिन्होंने वाहन को किराए पर लिया था, उन्होंने वाहन छुड़ाने से मना कर दिया। ऐसे में जब वे खुद थाने पहुंचे तो एएसआई भूरी सिंह ने गाड़ी छोड़ने की एवज में साढ़े तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद मामला एक लाख बीस हजार में तय हुआ। शिकायतकर्ता ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते ट्रांसपोर्टरों की कमर पहले ही टूटी हुई है। ऐसे में इतनी राशि का इंतजाम नहीं कर पा रहे थे। कोर्ट से वाहन को रिलीज करवाए जाने के बाद भी उन्हें रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जा रहा था।
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यह भी पढ़ें- सेना: तालिबान का कश्मीर पर कोई असर नहीं, किसी भी स्थिति से निपटने लिए हैं तैयार
ईंधन टंकी से डीजल निकाल डाल दी मिट्टी
शिकायतकर्ता ने बताया कि ट्रक से सामान निकाले जाने के साथ ही डीजल निकालकर ईंधन टैंक में मिट्टी डाल दी गई थी। यह उन्हें जानबूझ कर प्रताड़ित करने की कोशिश के तहत किया गया। यहां तक कि गाड़ी की चाबी और दस्तावेजों के लिए भी कई चक्कर लगवाए गए। गाड़ी हासिल करते समय उन्होंने कुछ दिन पहले ही आरोपी एएसआई को पांच हजार की रिश्वत दी थी, लेकिन उसने पांच हजार रुपये बैलेंस निकाल दिया। इसके बाद तंग आकर उन्होंने मामले की शिकायत सीबीआई को की और सीबीआई ने थाने में ही उसे रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया है।
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सीबीआई टीम के साथ सिटी थाने पहुंचे शिकायतकर्ता जालंधर निवासी देविंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें रिश्वत के लिए लगातार परेशान किया जा रहा था। शनिवार को ही सीबीआई के जम्मू कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद टीम ने दबिश देकर मौके पर ही एएसआई को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में अपना ट्रक किराए पर किसी को दिया था। लेकिन उसने ट्रक का दुरुपयोग पशु तस्करी के लिए किया।
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कठुआ पुलिस की टीम ने वाहन को जब्त कर लिया। जिन्होंने वाहन को किराए पर लिया था, उन्होंने वाहन छुड़ाने से मना कर दिया। ऐसे में जब वे खुद थाने पहुंचे तो एएसआई भूरी सिंह ने गाड़ी छोड़ने की एवज में साढ़े तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद मामला एक लाख बीस हजार में तय हुआ। शिकायतकर्ता ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते ट्रांसपोर्टरों की कमर पहले ही टूटी हुई है। ऐसे में इतनी राशि का इंतजाम नहीं कर पा रहे थे। कोर्ट से वाहन को रिलीज करवाए जाने के बाद भी उन्हें रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जा रहा था।
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ईंधन टंकी से डीजल निकाल डाल दी मिट्टी
शिकायतकर्ता ने बताया कि ट्रक से सामान निकाले जाने के साथ ही डीजल निकालकर ईंधन टैंक में मिट्टी डाल दी गई थी। यह उन्हें जानबूझ कर प्रताड़ित करने की कोशिश के तहत किया गया। यहां तक कि गाड़ी की चाबी और दस्तावेजों के लिए भी कई चक्कर लगवाए गए। गाड़ी हासिल करते समय उन्होंने कुछ दिन पहले ही आरोपी एएसआई को पांच हजार की रिश्वत दी थी, लेकिन उसने पांच हजार रुपये बैलेंस निकाल दिया। इसके बाद तंग आकर उन्होंने मामले की शिकायत सीबीआई को की और सीबीआई ने थाने में ही उसे रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया है।