जम्मू-कश्मीर: बांदीपोरा में आतंकियों और सुरक्षाबलों बीच मुठभेड़, लश्कर-ए-तैयबा का बाबर ढेर
बांदीपोरा मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष आतंकवादी बाबर अली मारा गया है।
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उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के चंदाजी इलाके में मंगलवार को हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष आतंकवादी बाबर अली मारा गया है। कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने बताया कि मुठभेड़ में मारा गया आतंकी 24 जुलाई को शोकबाबा जंगल में मारे गए आतंकियों के समूह का हिस्सा था। जिसकी पहचान पाकिस्तान के बाबर अली के रूप में हुई है। आईजीपी ने कहा कि शोकबाबा मुठभेड़ से भागने के बाद, उसे लगातार ट्रैक किया जा रहा था। गौरतलब है कि 24 जुलाई को बांदीपोरा में आतंकी सारिक अल्ताफ बाबा सहित लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादी मारे गए थे।
बता दें कि पुलिस को इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। जिसके आधार पर पुलिस, सेना की 26-असम राइफल्स और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के साथ ही सुरक्षाबलों ने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने का मौका भी दियाा, जिसे आतंकियों ने ठुकरा दिया। इसके कुछ ही देर बाद एक आतंकी मारा गया। इलाके में अभी तलाशी अभियान जारी है।
अनंतनाग में धमाके की साजिश विफल लश्कर मॉड्यूल ध्वस्तस चार गिरफ्तार
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में सुरक्षाबलों ने सोमवार को लश्कर-ए-तैयबाके आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के साथ सुरक्षाबलों ने शहर में धमाके की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। पकड़े गए सभी आरोपी इंटरनेट पर देख कर आईईडी बनाने में जुटे थे। इनके पास से हथगोले समेत कुछ अन्य सामान बरामद किया गया है। ये सभी लश्कर और हिजबुल के लिए काम कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए चारों आतंकी मददगार इलाके के भोले-भाले युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती करने के लिए सोशल मीडिया के जरिए उकसा रहे थे और सक्रिय आतंकियों के संपर्क में थे। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि एक विशिष्ट इनपुट पर कार्रवाई करते हुए आतंकियों के मददगार बारामुला निवासी आमिर रियाज लोन को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।
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जांच में पता चला कि आमिर लश्कर-ए-तैयबा के बारामुला निवासी सक्रिय आतंकवादी हिलाल शेख के संपर्क में था। जांच के दौरान और लोन के खुलासे पर यह बात सामने आई कि सीर हमदान निवासी ओवैस अहमद शकाज नाम का एक अन्य आतंकवादी सहयोगी इंटरनेट प्लेटफॉर्म से मिली जानकारी की मदद से आईईडी बनाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
इस सूचना के आधार पर अहमद को गिरफ्तार किया गया। मामले की आगे की जांच में दो और आतंकवादी सहयोगियों की संलिप्तता का पता चला, जिन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया था। उनकी पहचान पुलवामा के राजपोरा निवासी सुहैब मुजफ्फर काजी और तारिक डार के रूप में की।
मददगार से ग्रेनेड बरामद
प्रवक्ता ने कहा कि काजी पुलवामा के सक्रिय आतंकवादी आकिब डार लश्कर-ए-तैयबा के सीधे संपर्क में था, जिसने सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए उसे एक हथगोला भी दिया था। ग्रेनेड को उसके बताने पर बरामद किया गया था। उन्होंने कहा कि डार कुलगाम के असलम डार नामक एक अन्य सक्रिय आतंकवादी के संपर्क में पाया गया था और उक्त आतंकवादी को रसद सहायता प्रदान कर रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।