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Jammu News: अवकाश पर आस्था का सैलाब... बाबा तालाब में लगाई डुबकी, देवस्थान में लिया आशीर्वाद
Mon, 18 Nov 2024 03:45 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Mon, 18 Nov 2024 03:45 AM IST
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बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी को समर्पित झिड़ी मेला पूरे शबाब पर, चार लाख पहुंचा श्रद्धालुओं का आंकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी को समर्पित सीमावर्ती क्षेत्र कानाचक के झिड़ी में लगा वार्षिक मेला पूरे शबाब पर है। रविवार को अवकाश के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जहां बाबा तालाब में डुबकी लगा कर पूर्वजों के कर्मों की क्षमा मांगी वहीं, देवस्थानों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
प्रशासन के अनुसार चौथे दिन श्रद्धालुओं का आंकड़ा चार लाख पहुंच गया है। रविवार को भी बड़ी संख्या में प्रदेश सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। छुट्टी के चलते मेला स्थल पर काफी भीड़ रही। झिड़ी मेला पूरे शबाब पर है। मेले में लगे स्टाल और झूले आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने सुविधाओं के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। हालांकि इस बार भी मेला कार्तिक पूर्णिमा से एक दिन पहले 14 नवम्बर से शुरू हो गया था। मेले में मनोरंजन के लिए कई तरह के झूले, मौत का कुआं और सर्कस का आयोजन हो रहा है।
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मेले में सुरक्षा का रखा जा रहा ध्यान : पुजारी
मंदिर के पुजारी भुवनेश मेहता ने बताया कि बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी के आशीर्वाद से इस बार भी मिला शांतिपूर्वक तरीके से चल रहा है। सुरक्षाबलों की ओर से भी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मौसम ठंडा होने के बावजूद भी लोगों में काफी उत्साह है। सिविल डिफेंस एवं अन्य सामाजिक संगठनों की ओर से साफ-सफाई की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
झिड़ी में झलकी डोगरा संस्कृति
झिड़ी में बाबा जित्तो का देवस्थान रात को रंगबिरंगी लाइटों से जगमगा रहा है। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डोगरी लोकगीत भाख, कारक, सुहाग, गीतड़ू के साथ डोगरी कल्चर भी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। डुग्गर संस्कृति को देख कर बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालु गदगद हुए। पहले नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से युवाओं को जागरूक किया गया था। अब कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
मौत के कुएं का खेल देखने जुट रही भीड़
मेले में मौत के कुएं के खेल का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए काफी भीड़ जुट रही है। इसके अलावा महिलाएं और युवतियां काफी खरीदारी कर रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी को समर्पित सीमावर्ती क्षेत्र कानाचक के झिड़ी में लगा वार्षिक मेला पूरे शबाब पर है। रविवार को अवकाश के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जहां बाबा तालाब में डुबकी लगा कर पूर्वजों के कर्मों की क्षमा मांगी वहीं, देवस्थानों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
प्रशासन के अनुसार चौथे दिन श्रद्धालुओं का आंकड़ा चार लाख पहुंच गया है। रविवार को भी बड़ी संख्या में प्रदेश सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। छुट्टी के चलते मेला स्थल पर काफी भीड़ रही। झिड़ी मेला पूरे शबाब पर है। मेले में लगे स्टाल और झूले आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
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श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने सुविधाओं के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। हालांकि इस बार भी मेला कार्तिक पूर्णिमा से एक दिन पहले 14 नवम्बर से शुरू हो गया था। मेले में मनोरंजन के लिए कई तरह के झूले, मौत का कुआं और सर्कस का आयोजन हो रहा है।
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मेले में सुरक्षा का रखा जा रहा ध्यान : पुजारी
मंदिर के पुजारी भुवनेश मेहता ने बताया कि बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी के आशीर्वाद से इस बार भी मिला शांतिपूर्वक तरीके से चल रहा है। सुरक्षाबलों की ओर से भी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मौसम ठंडा होने के बावजूद भी लोगों में काफी उत्साह है। सिविल डिफेंस एवं अन्य सामाजिक संगठनों की ओर से साफ-सफाई की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
झिड़ी में झलकी डोगरा संस्कृति
झिड़ी में बाबा जित्तो का देवस्थान रात को रंगबिरंगी लाइटों से जगमगा रहा है। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डोगरी लोकगीत भाख, कारक, सुहाग, गीतड़ू के साथ डोगरी कल्चर भी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। डुग्गर संस्कृति को देख कर बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालु गदगद हुए। पहले नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से युवाओं को जागरूक किया गया था। अब कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
मौत के कुएं का खेल देखने जुट रही भीड़
मेले में मौत के कुएं के खेल का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए काफी भीड़ जुट रही है। इसके अलावा महिलाएं और युवतियां काफी खरीदारी कर रही हैं।