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Jammu News: एनएचएम कर्मियों के मुद्दे पर सत्तापक्ष-विपक्ष एकमत
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा-सब कुछ केंद्र के हाथ, पर हम आग्रह करते रहेंगे, भाजपा वाले भी बात करें
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत कर्मचारियों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष एकमत दिखे। भाजपा ने जहां इस मुद्दे को बुधवार सदन में उठाया और समाधान के लिए सरकार का साथ देने का आश्वासन दिया। वहीं, सरकार ने तत्काल इस मसले पर केंद्र को फिर से पत्र लिखने का निर्देश दिया।
सदस्यों ने मांग उठाई कि ओडिसा और त्रिपुरा की तर्ज पर जम्मू कश्मीर में एनएचएम कर्मचारियों के नियमितीकरण नीति लाने के साथ समान वेतन जारी किया जाए। भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने अपने सवाल में कहा कि अन्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में जम्मू-कश्मीर में एनएचएम कर्मियों के वेतन में अंतर होने के साथ वे निर्धारित समय से ज्यादा घंटों तक काम कर रहे हैं।
यह भले ही केंद्र की योजना का हिस्सा हैं, पर वे काम हमारा कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि एनएचएम कर्मियों के नियमितीकरण के लिए नीति बनाई जाए और तब तक लद्दाख की तर्ज पर उन्हें वेतनमान दिया जाए।कर्मियों का कम से कम 20 से 30 प्रतिशत वेतन बढ़ाया जाए।
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स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू ने जवाब में बताया कि एनएचएम के तहत नियुक्त कर्मचारियों की फंडिंग केंद्र से होती है। वे खूबसूरती से अपना काम कर रहे हैंं। हम पहले भी इनके हितों के लिए केंद्र को लिखते रहे हैं और अब फिर लिखकर भेजेंगे। लेकिन, हम भाजपा वालों से भी आग्रह करते हैं कि वह केंद्र तक इस बात को पहुंचाएं। इस बीच विधायक रणबीर सिंह पठानिया ने लद्दाख का उदाहरण दिया और पूछा कि क्या उनकी तर्ज पर इनकी तनख्वाह को डबल करवाएंगे। ये भी कहा कि सदन इस मुद्दे पर आपके साथ है, जहां भी चलना होगा, कहना होगा हम कहेंगे।
मंत्री ने सहयोग के मुद्दे पर आभार व्यक्त करते हुए दोहराया कि हमारे पास अधिकार नहीं, पर केंद्र से आग्रह करते रहेंगे। इस संदर्भ में एक नोट जारी करने का आदेश दिया जा रहा है। एक अन्य सदस्य डा. रामेश्वर सिंह ने जम्मू और उधमपुर जिले के एनएचएम कर्मचारियों को वेतन देरी से मिलने का मुद्दा उठाया, जिस पर मंत्री ने कहा कि वेतन जारी कर दिया गया है। लेकिन अगर इन जिलों को जारी नहीं हुआ है तो हम तत्काल देखेंगे।
वहीं, सदस्य राजीव कुमार भगत के एक सवाल के जवाब में बताया गया है कि एनएचएम कर्मचारियों को 15 दिन कैजुअल, 15 दिन मेडिकल, 10 दिन असाधारण/आपात अवकाश दिया जा रहा है। इसके अलावा महिला कर्मचारी के लिए 2 बच्चों के गर्भधारण तक 26 हफ्ते की मातृत्व अवकाश दिया जा रहा है।
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2021 से बढ़ाया गया है वेतन
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में सभी एनएचएम कर्मचारियों का वेतन वर्ष 2021-22 के दौरान 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत कर दिया गया है, साथ ही सालाना 5 प्रतिशत की वृद्धि की जा रही है। विशेषज्ञों के लिए वेतन 50,000 रुपये से बढ़ाकर 85,000 रुपये प्रति माह , चिकित्सा अधिकारी (एमबीबीएस) के लिए 30,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये, साथ ही विशेष प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन के रूप में अतिरिक्त 15,000 रुपये दिए जा रहे हैं। इसी तरह चिकित्सा अधिकारी (आयुष) के लिए 25,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये, दंत शल्य चिकित्सकों के लिए वेतन 23,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये किया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत कर्मचारियों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष एकमत दिखे। भाजपा ने जहां इस मुद्दे को बुधवार सदन में उठाया और समाधान के लिए सरकार का साथ देने का आश्वासन दिया। वहीं, सरकार ने तत्काल इस मसले पर केंद्र को फिर से पत्र लिखने का निर्देश दिया।
सदस्यों ने मांग उठाई कि ओडिसा और त्रिपुरा की तर्ज पर जम्मू कश्मीर में एनएचएम कर्मचारियों के नियमितीकरण नीति लाने के साथ समान वेतन जारी किया जाए। भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने अपने सवाल में कहा कि अन्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में जम्मू-कश्मीर में एनएचएम कर्मियों के वेतन में अंतर होने के साथ वे निर्धारित समय से ज्यादा घंटों तक काम कर रहे हैं।
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यह भले ही केंद्र की योजना का हिस्सा हैं, पर वे काम हमारा कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि एनएचएम कर्मियों के नियमितीकरण के लिए नीति बनाई जाए और तब तक लद्दाख की तर्ज पर उन्हें वेतनमान दिया जाए।कर्मियों का कम से कम 20 से 30 प्रतिशत वेतन बढ़ाया जाए।
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स्वास्थ्य मंत्री सकीना इट्टू ने जवाब में बताया कि एनएचएम के तहत नियुक्त कर्मचारियों की फंडिंग केंद्र से होती है। वे खूबसूरती से अपना काम कर रहे हैंं। हम पहले भी इनके हितों के लिए केंद्र को लिखते रहे हैं और अब फिर लिखकर भेजेंगे। लेकिन, हम भाजपा वालों से भी आग्रह करते हैं कि वह केंद्र तक इस बात को पहुंचाएं। इस बीच विधायक रणबीर सिंह पठानिया ने लद्दाख का उदाहरण दिया और पूछा कि क्या उनकी तर्ज पर इनकी तनख्वाह को डबल करवाएंगे। ये भी कहा कि सदन इस मुद्दे पर आपके साथ है, जहां भी चलना होगा, कहना होगा हम कहेंगे।
मंत्री ने सहयोग के मुद्दे पर आभार व्यक्त करते हुए दोहराया कि हमारे पास अधिकार नहीं, पर केंद्र से आग्रह करते रहेंगे। इस संदर्भ में एक नोट जारी करने का आदेश दिया जा रहा है। एक अन्य सदस्य डा. रामेश्वर सिंह ने जम्मू और उधमपुर जिले के एनएचएम कर्मचारियों को वेतन देरी से मिलने का मुद्दा उठाया, जिस पर मंत्री ने कहा कि वेतन जारी कर दिया गया है। लेकिन अगर इन जिलों को जारी नहीं हुआ है तो हम तत्काल देखेंगे।
वहीं, सदस्य राजीव कुमार भगत के एक सवाल के जवाब में बताया गया है कि एनएचएम कर्मचारियों को 15 दिन कैजुअल, 15 दिन मेडिकल, 10 दिन असाधारण/आपात अवकाश दिया जा रहा है। इसके अलावा महिला कर्मचारी के लिए 2 बच्चों के गर्भधारण तक 26 हफ्ते की मातृत्व अवकाश दिया जा रहा है।
2021 से बढ़ाया गया है वेतन
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में सभी एनएचएम कर्मचारियों का वेतन वर्ष 2021-22 के दौरान 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत कर दिया गया है, साथ ही सालाना 5 प्रतिशत की वृद्धि की जा रही है। विशेषज्ञों के लिए वेतन 50,000 रुपये से बढ़ाकर 85,000 रुपये प्रति माह , चिकित्सा अधिकारी (एमबीबीएस) के लिए 30,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये, साथ ही विशेष प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन के रूप में अतिरिक्त 15,000 रुपये दिए जा रहे हैं। इसी तरह चिकित्सा अधिकारी (आयुष) के लिए 25,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये, दंत शल्य चिकित्सकों के लिए वेतन 23,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये किया गया है।