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जम्मू-कश्मीर: बीस धान खरीद केंद्रों का हुआ उद्घाटन, 72 घंटे में डीबीटी से किसानों के खाते में आएगी फसल की रकम
Sun, 03 Oct 2021 12:19 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sun, 03 Oct 2021 12:19 PM IST
सार
पहली बार जम्मू-कश्मीर सरकार ने धान के अलावा गेहूं की खरीद शुरू कर दी है। किसानों को आश्वासन दिया कि भविष्य में ई-मंडियों की संख्या में और वृद्धि की जाएगी।
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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
फसल बेचने पर 72 घंटे के भीतर भुगतान डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में जमा होगा। यह बात किसानों को धान की समय पर बिक्री और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में 20 धान खरीद केंद्रों (मंडियों) का उद्घाटन (ई-लांच) करते हुए कही। पहली बार जम्मू-कश्मीर सरकार ने धान के अलावा गेहूं की खरीद शुरू कर दी है। किसानों को आश्वासन दिया कि भविष्य में ई-मंडियों की संख्या में और वृद्धि की जाएगी।
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किसानों को उनकी आय बढ़ाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। प्रौद्योगिकी के उपयोग ने इन सभी मंडियों को खरीद पोर्टल के साथ डिजिटल रूप से जोड़ा गया है। इससे भारतीय खाद्य निगम पोर्टल पर किसानों को पंजीकृत कर 72 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में धन हस्तांतरित हो सकेगा। उपराज्यपाल ने कहा कि यह पहल बिचौलियों को खत्म करेगी। उन्होंने उपायुक्तों और अन्य राजस्व अधिकारियों को किसानों को भू-अभिलेख के दस्तावेज प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने को कहा।
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पिछली फसल के दौरान 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर धान के उत्पादन के साथ देश में अग्रणी होने के लिए जम्मू-कश्मीर के किसानों की सराहना की। किसानों से उत्पादकता बढ़ाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उपराज्यपाल ने बताया कि पीएम किसान निधि के तहत केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के किसानों को 1,721 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। जिससे उन्हें कोरोना महामारी के दौरान बड़ी राहत मिली है। केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध और दृढ़ है।