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जम्मू-कश्मीर: पुलवामा जैसी आतंकी वारदात दोहराने की कोशिश, राजौरी में हाईवे पर मिला आईईडी
Mon, 27 May 2019 02:44 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 27 May 2019 02:44 PM IST
सार
- हाईवे किनारे लगाई गई आईईडी को सेना ने किया डिफ्यूज
- तीन घंटे तक जम्मू-राजोरी हाईवे पर ठप रहा यातायात
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सुरक्षाबलों ने की आईईडी विस्फोट की साजिश नाकाम
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
जम्मू-राजोरी हाईवे लगाई गई आईईडी को बरामद कर सुरक्षा बलों ने सोमवार को एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। यह आईईडी राजोरी जिले के कल्लर इलाके में प्लांट किया गया था। माना जा रहा है कि सेना के वाहनों को उड़ाने की साजिश के तहत इसे सड़क किनारे प्लांट किया गया था। हालांकि, सेना की रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) ने समय पर इसका पता लगाकर आतंकियों के मंसूबे को ध्वस्त कर दिया। बाद में सेना ने इस आईईडी को डिफ्यूज किया।
सोमवार को सेना की रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) हाईवे की गश्त पर थी। इस दौरान उन्हें चिंगस चटयार पुलिस चौकी के तहत पड़ने वाले कल्लर इलाके में सड़क से मात्र 3 या 4 फीट की दूरी पर कुछ संदिग्ध वस्तु दिखी। इसकी सूचना उन्होंने उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर यातायात रोक कर गहन जांच शुरू कर दी।
सेना के बम निरोधक दस्ते को भी मौके पर बुला लिया गया। दस्ते ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आईईडी को डिफ्यूज कर बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। इस दौरान तीन घंटे तक यातायात ठप रहने से हाईवे पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जिस स्थान पर आईईडी लगाई गई थी वहां कई बार वाहन रुकते हैं। कोई वाहन आईईडी की चपेट में आ जाता तो बहुत बड़ा नुकसान हो सकता था।
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इसी इलाके से कुछ दिन पहले मिली थी हथियारों की खेप
पिछले बुधवार को पुलिस ने चटियारी वन क्षेत्र में आतंकी ठिकाना ध्वस्त कर हथियारों की खेप बरामद की थी वह स्थान आईईडी वाले स्थान से मात्र 4 से 5 किलोमीटर की दूरी पर है। ठिकाने से आटोमैटिक असाल्ट राइफल सहित भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार इस क्षेत्र में संदिग्ध आतंकवादियों की मौजूदगी से इंकार नहीं किया जा सकता है। एक हफ्ते के भीतर पहले हथियारों की खेप मिलना और फिर आईईडी लगाने की घटना ने पुलिस व अन्य खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
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सोमवार को सेना की रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) हाईवे की गश्त पर थी। इस दौरान उन्हें चिंगस चटयार पुलिस चौकी के तहत पड़ने वाले कल्लर इलाके में सड़क से मात्र 3 या 4 फीट की दूरी पर कुछ संदिग्ध वस्तु दिखी। इसकी सूचना उन्होंने उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद सेना ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर यातायात रोक कर गहन जांच शुरू कर दी।
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सेना के बम निरोधक दस्ते को भी मौके पर बुला लिया गया। दस्ते ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आईईडी को डिफ्यूज कर बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। इस दौरान तीन घंटे तक यातायात ठप रहने से हाईवे पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जिस स्थान पर आईईडी लगाई गई थी वहां कई बार वाहन रुकते हैं। कोई वाहन आईईडी की चपेट में आ जाता तो बहुत बड़ा नुकसान हो सकता था।
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इसी इलाके से कुछ दिन पहले मिली थी हथियारों की खेप
पिछले बुधवार को पुलिस ने चटियारी वन क्षेत्र में आतंकी ठिकाना ध्वस्त कर हथियारों की खेप बरामद की थी वह स्थान आईईडी वाले स्थान से मात्र 4 से 5 किलोमीटर की दूरी पर है। ठिकाने से आटोमैटिक असाल्ट राइफल सहित भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था। खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार इस क्षेत्र में संदिग्ध आतंकवादियों की मौजूदगी से इंकार नहीं किया जा सकता है। एक हफ्ते के भीतर पहले हथियारों की खेप मिलना और फिर आईईडी लगाने की घटना ने पुलिस व अन्य खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
पुलवामा जैसे हादसे को दोहराने का प्रयास
सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध आतंकवादियों ने हाईवे पर आईईडी लगा कर कश्मीर घाटी के पुलवामा के उस हादसे को दोहराने का प्रयास किया है जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। आतंकवादियों को यह जानकारी थी कि हाईवे से ही सेना के वाहन भी गुजरते हैं और यदि कोई वाहन सड़क से मात्र 3 या 4 फुट की दूरी पर लगाई गई आईईडी की चपेट में आ जाता तो बहुत जानलेवा हादसा हो सकता था।
इलाके से ही जाता है नियंत्रण रेखा का रास्ता
जिस स्थान से आईईडी मिली है वहां से थोड़ी ही दूरी पर कल्लर चौक से जिले के केरी सेक्टर के लिए सड़क जाती है। केरी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना घुसपैठ कराने के लिए लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन करती रहती है।
अब राजोरी में आतंकवाद को जिंदा करने का प्रयास
पिछले कुछ समय से किश्तवाड़ में आतंकी घटनाओं के बाद अब राजोरी में भी आतंकवाद को जिंदा करने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान चाहता है कि राजोरी में खत्म हो चुके आतंकवाद को फिर से जिंदा किया जाए। राजोरी में एक सप्ताह के भीतर एक ही पुलिस चौकी के तहत पड़ने वाले दो अलग-अलग स्थानों से हथियारों की खेप और आईईडी मिलने से साफ है कि आतंकवादी अपने नापाक मंसूबों को राजोरी तक पहुंचाना चाहते हैं।
सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध आतंकवादियों ने हाईवे पर आईईडी लगा कर कश्मीर घाटी के पुलवामा के उस हादसे को दोहराने का प्रयास किया है जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। आतंकवादियों को यह जानकारी थी कि हाईवे से ही सेना के वाहन भी गुजरते हैं और यदि कोई वाहन सड़क से मात्र 3 या 4 फुट की दूरी पर लगाई गई आईईडी की चपेट में आ जाता तो बहुत जानलेवा हादसा हो सकता था।
इलाके से ही जाता है नियंत्रण रेखा का रास्ता
जिस स्थान से आईईडी मिली है वहां से थोड़ी ही दूरी पर कल्लर चौक से जिले के केरी सेक्टर के लिए सड़क जाती है। केरी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना घुसपैठ कराने के लिए लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन करती रहती है।
अब राजोरी में आतंकवाद को जिंदा करने का प्रयास
पिछले कुछ समय से किश्तवाड़ में आतंकी घटनाओं के बाद अब राजोरी में भी आतंकवाद को जिंदा करने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान चाहता है कि राजोरी में खत्म हो चुके आतंकवाद को फिर से जिंदा किया जाए। राजोरी में एक सप्ताह के भीतर एक ही पुलिस चौकी के तहत पड़ने वाले दो अलग-अलग स्थानों से हथियारों की खेप और आईईडी मिलने से साफ है कि आतंकवादी अपने नापाक मंसूबों को राजोरी तक पहुंचाना चाहते हैं।