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जम्मू-कश्मीर: दूरदराज के इलाकों के छात्र नहीं उठा पा रहे ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ
Thu, 29 Apr 2021 12:56 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 29 Apr 2021 12:56 PM IST
सार
कई छात्रों के पास मोबाइल ही नहीं, कहीं 4जी की स्पीड बहुत कम है। जेयू के अधीन कॉलेजों के प्रोफेसरों ने कहा, ऑनलाइन परीक्षा कैसे देंगे छात्र।
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- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
कोरोना महामारी के कारण स्कूल कॉलेज बंद होने के चलते ऑनलाइन कक्षाएं जारी हैं, लेकिन दूर दराज के इलाकों में 4जी इंटरनेट नहीं होने और धीमा चलने से छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जम्मू विश्वविद्यालय और कश्मीर विश्वविद्यालय के संबंधित कॉलेजों के अधिकतम छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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जीडीसी रामबन, डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह, ठाठरी, किलोतरान, मड़वा दक्षिण, पाडर, बनी, बिलावर, छदोरा (बडगाम), बोनियान (बारामुला) इत्यादि कॉलेजों के छात्र दूर दराज के इलाकों में रहते हैं। यहा कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा नहीं है, तो कुछ में इंटरनेट तेजी से नहीं चलता। आर्थिक तौर पर कमजोर होने के चलते कुछ छात्रों के पास मोबाइल भी नहीं हैं।
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गवर्नमेंट डिग्री कालेज किश्तवाड़ के प्रिंसिपल पवन शर्मा ने बताया कि जीडीसी किश्तवाड़ पहाड़ी जिले में है। इस कॉलेज में ज्यादातर छात्र जरूरतमंद परिवारों से हैं और पिछड़े इलाकों में रहते हैं। उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई का फायदा नहीं हो रहा है। महामारी के कारण न ही उन्हें कालेज बुलाया जा रहा है। इन छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित है। साथ में जम्मू विश्वविद्यालय प्रशासन का आदेश है कि छात्रों की ऑनलाइन परीक्षाएं ली जाएं।
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डिग्री पीजी कॉलेज भद्रवाह के प्रिंसिपल केके शर्मा ने कहा कि आधे से ज्यादा छात्र ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित हैं, जिन छात्रों के पास मोबाइल, लेपटॉप उपलब्ध हैं, अध्यापक उन्हें वर्चुअल मोड से पढ़ा रहे हैं मगर ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले छात्रों की सख्या काफी कम है। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्र कोरोना संकट के दौरान परेशानी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके कॉलेज में कई सारे छात्रों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, इसके चलते कालेज खोलने की कोई संभावना नहीं है। सरकार को गरीब और पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बारे में सोचना चाहिए।
रोज 10 छात्रों की कॉलेज में कक्षाएं लगाई जाएं
बारामुला के बोनियान कॉलेज के प्रिंसिपल तारिक के मुताबिक बोनियान कालेज में उड़ी बार्डर तक के छात्र पढ़ते हैं। कई जगह इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है। ऑनलाइन पढ़ाई से छात्र बिल्कुल नहीं पढ़ पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि जिन छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई में दिक्कत आ रही है, उनकी एक सूची बनाई जाए और एसओपी का पालन करते हुए प्रतिदिन रोस्टर पर दस छात्रों को महाविद्यालय में बुलाकर ऑफलाइन पढ़ाने की पहल शुरू की जाए।
सुझाव पर गौर करेंगे : वीसी जेयू
जम्मू विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले कालेजों के बारे में जेयू के वीसी मनोज कुमार धर ने कहा कि संबंधित कॉलेजों के प्रिंसिपल ऑनलाइन परीक्षाओं का निर्णय अपने मुताबिक लेंगे। अगर विश्वविद्यालय को किसी तरह का सुझाव मिलता है, तो उस पर गौर किया जाएगा।
रोज 10 छात्रों की कॉलेज में कक्षाएं लगाई जाएं
बारामुला के बोनियान कॉलेज के प्रिंसिपल तारिक के मुताबिक बोनियान कालेज में उड़ी बार्डर तक के छात्र पढ़ते हैं। कई जगह इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है। ऑनलाइन पढ़ाई से छात्र बिल्कुल नहीं पढ़ पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि जिन छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई में दिक्कत आ रही है, उनकी एक सूची बनाई जाए और एसओपी का पालन करते हुए प्रतिदिन रोस्टर पर दस छात्रों को महाविद्यालय में बुलाकर ऑफलाइन पढ़ाने की पहल शुरू की जाए।
सुझाव पर गौर करेंगे : वीसी जेयू
जम्मू विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले कालेजों के बारे में जेयू के वीसी मनोज कुमार धर ने कहा कि संबंधित कॉलेजों के प्रिंसिपल ऑनलाइन परीक्षाओं का निर्णय अपने मुताबिक लेंगे। अगर विश्वविद्यालय को किसी तरह का सुझाव मिलता है, तो उस पर गौर किया जाएगा।