जम्मू-कश्मीर: गांव में घर बनाने के लिए सरपंच-पटवारी और पंचायत सचिव देंगे मंजूरी, सरकार ने आदेश किया जारी
व्यावसायिक एवं सरकारी भवन निर्माण के लिए एसडीएम की अध्यक्षता वाली समिति को किया गया अधिकृत। ग्रामीण क्षेत्र के तहत पंचायत के अधिकारक्षेत्र में घर बनाने के लिए सरपंच, विलेज लेवल वर्कर (पंचायत सचिव) और हलका पटवारी की समिति से अनुमति लेनी होगी।
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जम्मू-कश्मीर में शहरों की तरह अब गांवों में भी भवन निर्माण, पुनर्निर्माण अथवा भवन में बदलाव के लिए अधिकृत प्राधिकरण से मंजूरी लेनी होगी। जम्मू-कश्मीर सरकार ने आवास, व्यावसायिक, सरकारी व अन्य श्रेणी के भवन निर्माण की मंजूरी के लिए प्राधिकरण को मंजूरी दी है। ग्रामीण क्षेत्र के तहत पंचायत के अधिकारक्षेत्र में घर बनाने के लिए सरपंच, विलेज लेवल वर्कर (पंचायत सचिव) और हलका पटवारी की समिति से अनुमति लेनी होगी।
ग्रामीण विकास विभाग की आयुक्त सचिव मंदीप कौर की ओर से जारी आदेश के मुताबिक घर बनाने के लिए पंचायत स्तर पर अनुमति लेनी होगी, जबकि व्यावसायिक भवन (दुकानें भी शामिल), सरकारी भवन व अन्य श्रेणी के भव निर्माण की मंजूरी के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है।
इसमें एसडीएम चेयरमैन होंगे। समिति में संबंधित तहसीलदार, संबंधित टाउन प्लानिंग अफसर, संबंधित ब्लॉक विकास अधिकारी और पंचायत के सरपंच शामिल किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर यह समितियां आवेदन को मंजूरी देने के लिए किसी अन्य सरकारी विभाग के कर्मचारी को भी शामिल कर सकेंगी।
समितियां ही शुल्क तय करेंगी, पंचायत फंड में जाएगा राजस्व
भवन निर्माण के लिए अधिकृत समितियां ही निर्माण शुल्क तय करेंगी। निर्माण आवेदन की मंजूरी के लिए प्राप्त होने वाला राजस्व संबंधित पंचायत फंड में जाएगा। जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम की धारा 156 के तहत अधिकृत समितियों के पास नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने का भी अधिकार होगा।