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जम्मू-कश्मीर में तीसरे मोर्चे के गठन की सुगबुगाहट, बैठकों का दौर शुरू
Fri, 29 Jan 2021 02:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 29 Jan 2021 02:04 AM IST
सार
- जम्मू संभाग में भाजपा का विकल्प बनाने की तैयारी
- नेकां, पीडीपी, अपनी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा के असंतुष्टों के साथ ही समाज के अन्य प्रभावशाली लोगों को जोड़ने की योजना
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- फोटो : ANI
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में तीसरे मोर्चे के गठन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इसे जम्मू संभाग में भाजपा का विकल्प बनाने की तैयारी है ताकि विभिन्न मुद्दों पर अपने आप को ठगा महसूस कर रहे लोगों को जोड़ा जा सके। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो नए जम्मू-कश्मीर में दो नई पार्टियों अपनी पार्टी व इकजुट के उदय के बाद तीसरा मोर्चा भी जल्द अस्तित्व में आ सकता है।
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मोर्चा बनाने के लिए बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इसमें कश्मीर केंद्रित पार्टियों नेकां व पीडीपी के जम्मू संभाग में पकड़ रखने वाले नेताओं को भी जोड़ने की योजना है। वहीं कांग्रेस, अपनी पार्टी के साथ ही भाजपा में अपने को अलग-थलग पा रहे नेताओं को भी साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। तीसरे मोर्चे में समाज के प्रभावशाली लोगों, सेवानिवृत्त नौकरशाहों, शिक्षाविदों को भी शामिल करने की योजना है।
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तीसरे मोर्चे के गठन में जुटे कश्मीर केंद्रित एक पार्टी के नेता ने बताया कि समाज का बहुत ज्यादा दबाव है। भाजपा के वादों तथा 370 हटाने के बाद किए गए वादों से लोग उकता चुके हैं। वे अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उनकी स्थिति पहले से भी ज्यादा खराब हो गई है। उनके मुद्दे हल नहीं किए जा रहे हैं। नौकरशाही कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। भाजपा के नेता भी मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे हैं। ऐसे में वे जाएं तो कहां जाएं।
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मोर्चे के गठन में जुटे नेता ने बताया कि हाल ही में हुए डीडीसी चुनाव में भाजपा को इसी वजह से बहुत अच्छा प्रदर्शन करने का मौका नहीं मिल पाया क्योंकि लोगों में गुस्सा है। समाज के प्रभावशाली लोगों का दबाव है कि तीसरे मोर्चे का गठन किया जाए ताकि उनके अपने मुद्दे हल हो सकें। हालांकि, उनका कहना है कि यह बिल्कुल शुरुआती दौर है, लेकिन बैठकें शुरू हो गई हैं। आने वाले दिनों में इस पर कितना रंग चढ़ पाता है, इस पर अभी कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
गुपकार गठबंधन और भाजपा दोनों को लग सकता है झटका
यदि तीसरा मोर्चा अस्तित्व में आया तो गुपकार गठबंधन और भाजपा दोनों को झटका लग सकता है, क्योंकि इस मोर्च में इन्हीं दोनों दलों से जुड़े लोग होंगे। तीसरा मोर्चा जम्मू के साथ ही उन इलाकों में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है जहां भाजपा को डीडीसी चुनावों में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है। राजोरी, पुंछ, किश्तवाड़, डोडा, रामबन में मोर्चा मजबूत आधार बना सकता है।