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जम्मू-कश्मीर: शहर में आठ घंटे और गांव में 48 घंटे में ट्रांसफार्मर ठीक करने के निर्देश पर ग्रामीणों में रोष
Fri, 28 May 2021 10:14 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Fri, 28 May 2021 10:14 PM IST
सार
ग्रामीण लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा प्रशासन। पूर्व मंत्री सुखनंदन का कहना है कि शहरी क्षेत्र में आठ घंटे में ट्रांसफार्मर ठीक करने के निर्देश, ग्रामीण में 48 घंटे का समय क्यों रखा गया है।
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ट्रांसफार्मर
विस्तार
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के साथ जम्मू-कश्मीर प्रशासन सौतेला व्यवहार कर रहा है। यह आरोप शुक्रवार को दोमाना में प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व मंत्री एवं प्रदेश भाजपा पंचायतीराज प्रकोष्ठ के प्रभारी सुखनंदन चौधरी ने लगाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने शहरी क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मर आठ घंटे में बदलने के निर्देश जारी किए हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे में खराब ट्रांसफार्मर की मरम्मत करने का समय रखा है।
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चौधरी ने आदेश का कड़ा विरोध करते हुए प्रशासन से सवाल उठाया है कि ग्रामीण लोगों के साथ इस तरह का पक्षपात क्यों हो रहा है। ग्रामीण लोगों को भी बिजली की अधिक आवश्यकता है। पूर्व मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में धान की बिजाई का सीजन शुरू होने वाला है।
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मैदानी इलाकों में खेतों की सिंचाई के लिए मोटरें चलाने को पर्याप्त बिजली की जरूरत होती है। उनका कहना था कि प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्बाध बिजली मुहैया करवाए, भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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चौधरी ने आदेश का कड़ा विरोध करते हुए प्रशासन से सवाल उठाया है कि ग्रामीण लोगों के साथ इस तरह का पक्षपात क्यों हो रहा है। ग्रामीण लोगों को भी बिजली की अधिक आवश्यकता है। पूर्व मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में धान की बिजाई का सीजन शुरू होने वाला है।
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मैदानी इलाकों में खेतों की सिंचाई के लिए मोटरें चलाने को पर्याप्त बिजली की जरूरत होती है। उनका कहना था कि प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्बाध बिजली मुहैया करवाए, भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।