फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu and Kashmir: Durbar transfer personnel get accommodation facility cancelled, quarters to be vacated within three weeks

जम्मू-कश्मीर: खत्म हुई 149 साल पुरानी 'दरबार मूव' प्रथा, ई-आफिस का काम पूरा, सालाना 200 करोड़ की होगी बचत

Wed, 30 Jun 2021 04:24 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Wed, 30 Jun 2021 04:24 PM IST
सार

यह प्रथा महाराज गुलाब सिंह ने 1872 में शुरू की थी जिसके तहत प्रशासन सर्दियों में जम्मू से और गर्मियों में श्रीनगर से काम करता था।

विज्ञापन
Jammu and Kashmir: Durbar transfer personnel get accommodation facility cancelled, quarters to be vacated within three weeks
darbar move - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में 149 साल से चली आ रही दरबार मूव प्रथा खत्म हो गई है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने ‘दरबार स्थानांतरण’ के कर्मियों को जम्मू और श्रीनगर में मिली आवास सुविधा को रद्द कर दिया है। इससे कुछ दिन पहले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दरबार स्थानांतरित करने की दशकों पुरानी व्यवस्था को खत्म करने का ऐलान किया था।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार अधिकारियों को तीन सप्ताह के भीतर दोनों राजधानी शहरों में अपने क्वार्टर खाली करने को कहा गया है। उपराज्यपाल ने 20 जून को ऐलान किया था कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन पूरी तरह से ई-ऑफिस व्यवस्था अपना चुका है, और इस तरह साल में दो बार 'दरबार स्थानांतरण’ करने की प्रथा समाप्त हो गई है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा था, “अब जम्मू और श्रीनगर के दोनों सचिवालय 12 महीने सामान्य रूप से काम कर सकते हैं। इससे सरकार को प्रति वर्ष 200 करोड़ रुपये की बचत होगी, जिसका उपयोग वंचित वर्गों के कल्याण के लिए किया जाएगा।”
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- गर्मी का कहर: जम्मू-कश्मीर से रूठा मानसून, नहीं मिल पा रही गर्मी से राहत


अब संपदा विभाग के आयुक्त सचिव एम राजू की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि श्रीनगर और जम्मू में अधिकारियों और कर्मचारियों के आवासीय आवंटन को रद्द करने को मंजूरी दे दी गई है। जम्मू के कर्मचारियों को श्रीनगर में और श्रीनगर के कर्मियों को जम्मू में आवास आवंटित किए गए थे।

आदेश में कहा गया है कि अधिकारी और कर्मचारियों को 21 दिनों के भीतर दोनों राजधानी शहरों में सरकार द्वारा आवंटित अपने आवासों को खाली करना होगा। बता दें कि ‘दरबार स्थानांतरण’ के तहत राजभवन, नागरिक सचिवालय और कई अधिकारी साल में दो बार जम्मू और श्रीनगर स्थानांतरित होते थे। यह प्रथा महाराज गुलाब सिंह ने 1872 में शुरू की थी जिसके तहत प्रशासन सर्दियों में जम्मू से और गर्मियों में श्रीनगर से काम करता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed