आपसी झगड़े में स्मार्ट सिटी से वंचित रह गया जम्मू कश्मीर
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जम्मू और कश्मीर के आपसी झगड़े का खामियाजा रियासत को तब एक बार फिर भुगतना पड़ा जब 100 स्मार्ट सिटी की सूची में रियासत का एक भी शहर शामिल नहीं हो सका।
इसके आसार तभी नजर आने लगे थे, जब राज्य से भेजे गए प्रस्ताव में ही कोई नाम तय नहीं किया जा सका। राज्य सरकार इस बात पर भी नहीं अड़ी कि भौगोलिक और सामाजिक हालात के मद्देनजर भी रियासत में कम से कम दो स्मार्ट सिटी तो होनी ही चाहिए।
राज्य का विशेष दर्जा भी दो स्मार्ट सिटी नहीं दिला सका। राज्य की दोनों राजधानियों, श्रीनगर और जम्मू ने इसके लिए दावा किया था जबकि राज्य के लिए केवल एक शहर को ही स्मार्ट सिटी घोषित किया जाना था।
राज्य सरकार ने कुछ समय मांगा
सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को नए सिरे से नाम तय करने को कहा है। इसके लिए राज्य सरकार ने कुछ समय मांगा है। आसार नजर आने लगे हैं कि अब स्मार्ट सिटी के लिए भी जम्मू और श्रीनगर में रस्साकशी होगी।
स्मार्ट सिटी के चयन के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री के आब्जर्वर की उपस्थिति में पांच अगस्त को श्रीनगर में बैठक हुई थी। इसमें मुख्य सचिव भी थे। श्रीनगर तथा जम्मू नगर निगम के आयुक्तों ने स्मार्ट सिटी के लिए अपना-अपना दावा पेश किया था।
दोनों आयुक्तों ने यूजर्स चार्जेज, प्रापर्टी टैक्स, जनसंख्या तथा उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर निर्धारित फार्मेट में दावा पेश किया। बताते हैं कि बैठक में किसी एक शहर के नाम पर सहमति न बनने पर आब्जर्वर ने दोनों शहरों के नाम की संस्तुति कर दी।
आयुक्त नगर निगम जम्मू मंदीप कौर का कहना है कि जम्मू स्मार्ट सिटी के बारे में भेजे गए प्रस्ताव की उन्हें जानकारी नहीं है। निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।