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जम्मू-कश्मीर: हर महीने गृह मंत्रालय को जाएगी बार्डर सुरक्षा की रिपोर्ट
अजय मीनिया, जम्मू
Updated Fri, 01 Jun 2018 01:10 PM IST
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अब हर महीने भारत पाकिस्तान के इंटरनेशनल बार्डर की सुरक्षा पर चर्चा होगी, जिसकी रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास जाएगी। इसके लिए गृह विभाग ने जिला स्तर की कमेटी का गठन किया है। कमेटी में प्रशासनिक, पुलिस, बीएसएफ और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
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भारत-पाकिस्तान के बार्डर पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जिला स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी बनाई गई है। इसमें सांबा, जम्मू और कठुआ जिलों के अपने-अपने जिले के चेयरमैन बनाए गए हैं। जबकि जिले का एसपी, बीएसएफ का कमांडेंट, खुफिया एजेंसियों में आईबी, रॉ, कस्टम, सीआईडी, एमआई, नवल इंटेजिलेंस के नुमाइंदे सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यह कमेटी हर महीने बैठक करेगी। इसमें फील्ड स्तर पर मिलने वाली रिपोर्ट को मोनिटर किया जाएगा और इस पर चर्चा होगी।
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आपसी तालमेल के मुद्दों को जिला स्तर की कमेटी स्टेट स्तर की कमेटी के साथ साझा करेगी। हर महीने होने वाली बैठक में बनाई जाने वाली रिपोर्ट की जानकारी स्टेट स्तर की कमेटी और केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास जाएगी।
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क्यों पड़ी कमेटी बनाने की जरूरत
पिछले कुछ साल से बार्डर पर हालात काफी तनावपूर्ण रहे। हर साल तीन से चार बार्डर पर पाकिस्तान की गोलाबारी हो रही है। आतंकियों की घुसपैठ के प्रयास भी काफी बढ़े हैं। यह कमेटी बार्डर पर सुरक्षा को मजबूत करने पर चर्चा करेगी। जिस पर केंद्रीय गृह मंत्रालय कदम उठाएगा। सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से ही राज्य गृह विभाग को आदेश दिया गया था कि इस कमेटी का गठन किया जाए। सूत्रों का यह भी कहना है कि बार्डर पर मिलने वाले इनपुट पर सुरक्षा एजेंसियां कहीं न कहीं आपसी तालमेल में अभाव से जूझ रही थीं।