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जम्मू-कश्मीर: कोर्ट ने कहा- सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक नहीं बुला सकता बीडीसी अध्यक्ष

Thu, 23 Sep 2021 10:37 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 23 Sep 2021 10:37 PM IST
सार

अदालत ने कहा कि यह सच है कि संबंधित खंड विकास परिषद के अध्यक्ष अविश्वास प्रस्ताव की अध्यक्षता करने, प्रस्ताव को पढ़ने, बहस करने और ऐसी बैठक में मतदान करने के लिए अधिकृत हैं। उन्हें प्रस्ताव का परिणाम घोषित करने का भी अधिकार है, लेकिन उन्हें बैठक बुलाने का हक नहीं है।

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Jammu and Kashmir and Ladakh High Court said BDC president cannot call meeting of noconfidence motion against sarpanch
उच्च न्यायालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि पंचायती राज अधिनियम के अनुसार सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए बीडीसी (खंड विकास परिषद) अध्यक्ष अधिकृत नहीं है। इसके साथ ही कुपवाड़ा जिले के मील्याल बीडीसी अध्यक्ष के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें दर्द हरी हलका की पंचायत के एक सरपंच को बहुमत साबित करने के लिए कहा गया था।

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न्यायमूर्ति संजीव कुमार की पीठ ने सरपंच फरीदा बेगम द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि सरपंच को हटाने के लिए पंचायत के एक तिहाई सदस्य एक लिखित नोटिस के जरिये कर सकते हैं। इसके लिए बीडीसी अध्यक्ष के पास बैठक बुलाने का अधिकार नहीं है। 
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अदालत ने कहा कि यह सच है कि संबंधित खंड विकास परिषद के अध्यक्ष अविश्वास प्रस्ताव की अध्यक्षता करने, प्रस्ताव को पढ़ने, बहस करने और ऐसी बैठक में मतदान करने के लिए अधिकृत हैं। उन्हें प्रस्ताव का परिणाम घोषित करने का भी अधिकार है, लेकिन उन्हें बैठक बुलाने का हक नहीं है। जम्मू-कश्मीर पंचायती राज नियम 1991 के नियम 81 में इसका स्पष्ट उल्लेख किया गया है। 
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अदालत ने कहा अधिनियम के अनुसार, पंचायत सचिव को अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के इरादे की लिखित सूचना मिले उस पर पंचायत के कुल सदस्यों में से कम से कम एक तिहाई सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हों और उनमें से कम से कम 2 लोगों द्वारा उसे व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत किया गया हो। अविश्वास प्रस्ताव के लिए सूचना मिलने के बाद 10 दिन से पहले और 20 दिन के बाद सचिव बैठक नहीं बुला सकता। अदालत ने कहा कि सरपंच की यह आशंका निराधार है कि बीडीसी नियम 81 का पालन किए बिना उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है। इसके साथ ही अदालत ने नियम 81 का अनुपालन करते हुए फरीदा बेगम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का विकल्प खुला छोड़ दिया।

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