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सावधान : छोटी सी चिंगारी छह माह की मेहनत पर फेर देगी पानी

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jammu, agriculture, fire
गेहूं की फसल को लेकर रहें सतर्क, विभाग ने भी हाॅट स्पाॅट चिह्नित कर किए अतिरिक्त बंदोबस्त
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एक माह तक उपलब्ध रहेंगे अतिरिक्त वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। रबी की फसलें कटाई के लिए तैयार हैं। कुछ ही दिनों में गेहूं की कटाई शुरू हो जाएगी। इसके लिए किसानों के साथ-साथ दमकल विभाग ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। क्योंकि, हर सीजन में सैकड़ों कनाल फसल आग की भेंट चढ़ जाती है। इसे देखते हुए दमकल विभाग ने अग्रिम बंदोबस्त किए हैं।
विभाग ने कुछ क्षेत्रों को हाॅट स्पाॅट चिह्नित किए हैं, जहां हर सीजन में गेहूं की फसल में आग लगने की सबसे अधिक घटनाएं होती हैं। इनमें आरएस पुरा, अरनिया, बिश्नाह, रामगढ़, मढ़ और कठुआ का हीरानगर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में हर सीजन बड़े स्तर पर गेहूं की फसल जलकर राख हो जाती है।
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ऐसे में दमकल विभाग ने इन क्षेत्रों में एक महीने तक अस्थायी फायर स्टेशन बनाए हैं, जहां दमकल वाहनों की अतिरिक्त तैनाती रहेगी। दमकल विभाग ने एक एडवाइजरी किसानों के साथ साझा की है। किसानों को बीड़ी-सिगरेट बुझाकर फेंकने, खेतों में कूड़ा-कचरा न जलाने और बिजली के तारों की जांच करने की सलाह दी गई है।
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ये बरतें सावधानियां
-किसान खेतों में बीड़ी-सिगरेट का सेवन न करें और अगर करें तो बुझाकर ही फेंकें
-खेतों में कूड़ा-कचरा न जलाएं
-बिजली के जर्जर तारों की जांच कराएं और उनकी मरम्मत करवाएं
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किसान इसका भी रखें ध्यान
खेतों में आग लगने की स्थिति में दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच पातीं। इसलिए किसान अपने ट्यूबवेल को पहले से ठीक कर लें, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत पानी का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाया जा सके। खेतों में स्प्रेयर पंप में पानी भरकर रखें, ताकि आग लगते ही उसे तुरंत बुझाया जा सके। गेहूं की कटाई के दौरान खेतों के आसपास कूड़ा-कचरा जमा न होने दें। कई बार किसान कूड़े को जलाते हैं, जिससे हवा के झोंके से चिंगारी गेहूं के खेत तक पहुंच है।

बीते वर्ष जल गई थीं फसलें
बता दें कि बीते वर्ष जम्मू संभाग के हीरा नगर, आरएस पुरा, बिश्नाह, सांबा, मढ़ और परगवाल आदि क्षेत्रों में करीब 1500 कनाल गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। जम्मू, सांबा और कठुआ में करीब दो लाख कनाल भूमि पर इस समय गेहूं की फसल लगी हुई है।


अतिरिक्त बंदोबस्त, 13 अप्रैल से एक हफ्ता करेंगे जागरूक
गेहूं की फसल को आग से बचाने के लिए पर्याप्त बंदोबस्त हैं। हमारा मकसद है कि आगजनी की घटना हो ही ना। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। 13 अप्रैल से एक हफ्ते तक किसानों को लगातार जानकारी देंगे। कुछ हाॅट स्पाॅट चिह्नित किए गए हैं, जहां आगजनी पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त बंदोबस्त किए जाएंगे।
-राज कुमार रैना, उप निदेशक, दमकल विभाग
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