जैश का मददगार भेजा गया दस दिन की रिमांड पर, अब पुलिस उगलवाएगी आतंकी नेटवर्क के राज
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आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करने के आरोप में पकड़े गए ओवर ग्राउंड वर्कर को दस दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। सीमावर्ती गांव चकरोई से गिरफ्तार ओजीडब्ल्यू मोहम्मद मुजफ्फर बेग से अब पुलिस आतंकी नेटवर्क के राज उगलवाएगी।
आरोप है कि उसके आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संबंध हैं। वह जैश कमांडर अब्दुल रहमान के लिए काम करता है, जो इन दिनों कोट भलवाल जेल में बंद है। मुजफ्फर उससे मिलने जेल भी गया था। सूत्रों के अनुसार मुजफ्फर से खुफिया एजेंसियां पता लगाने में जुटी हैं कि उसके किन लोगों से संबंध हैं, और किस प्रकार नेटवर्क का संचालन किया जा रहा है।
जेल में किस प्रकार मोबाइल, सिम, मेमोरी कार्ड पहुंचे। मोहम्मद मुजफ्फर बेग को जेआईसी भेज पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसके और कितने साथी जम्मू और दूसरे राज्यों में उससे जुडे़ हो सकते हैं। ज्ञात हो कि मुजफ्फर के खुलासे के बाद कोटभलवाल सेंट्रल जेल में मारे गए छापा में पुलिस ने तीन मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड, चार्जर और हेडफोन बरामद किए थे।
जेल में आरएस पुरा क्षेत्र के सतराइयां गांव निवासी एक व्यक्ति के पास से भी मोबाइल फोन बरामद किया गया था। अब पुलिस इसके संपर्कों की भी तलाश कर रही है।मुजफ्फर के पास भी पांच सिम कार्ड और हवाला के पांच लाख रुपये मिले थे। मुजफ्फर ने बताया था कि पैसे और सिम कार्ड किताब के अंदर छिपाकर जेल में पहुंचाए जाने थे।
कोट भलवाल जेल से पहले भी मिले हैं मोबाइल व पेन ड्राइव
कोट भलवाल जेल में आतंकियों की ओर से मोबाइल फोन पहले भी इस्तेमाल किए जाते रहे हैं। पिछले साल जनवरी महीने में पुलिस को दो मोबाइल और तीन पेन ड्राइव मिले थे। खास बात यह है कि मोबाइल फोन और पेन ड्राइव तो जेल प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के लिए सौंप दिए गए, लेकिन इस संबंध में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
बनतालाब के राजकुमार के आरटीआई के जवाब में बताया कि बरामद सामानों का किसी ने दावा नहीं किया। इस वजह से यह सारे सामान जेल प्रशासन के सुपुर्द कर दिए गए। जवाब के साथ 46 सामानों की सूची भी उपलब्ध कराई गई जो जेल से मिले। ज्ञात हो कि जेल में कई पाकिस्तानी आतंकी बंद हैं। कड़ी सुरक्षा के बाद भी यहां मोबाइल और पेन ड्राइव मिलने से सुरक्षा पर सवाल खड़ा होता है।