{"_id":"627110456432b157622cfd6c","slug":"j-k-youth-went-to-pakistan-on-valid-visa-returning-with-arms-training-17-killed","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू कश्मीर: वैध वीजा पर पाकिस्तान जाने वाले युवा हथियारों की ट्रेनिंग ले लौट रहे, 17 मारे गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू कश्मीर: वैध वीजा पर पाकिस्तान जाने वाले युवा हथियारों की ट्रेनिंग ले लौट रहे, 17 मारे गए
Tue, 03 May 2022 04:51 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 03 May 2022 04:51 PM IST
सार
एसआईए ने एक हुर्रियत नेता और अन्य के खिलाफ पाकिस्तानी कॉलेजों में एमबीबीएस सीटें बेचने और अर्जित धन का आतंकी गतिविधियों के लिए उपयोग करने के मामले में आरोप पत्र दायर किया है। वैध वीजा पर पाकिस्तान जाने वाले युवा हथियारों की ट्रेनिंग कर कश्मीर लौट रहे हैं।
विज्ञापन
सैन्य जवान
- फोटो : बासित जरगर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वैध वीजा पर पाकिस्तान जाने वाले युवा हथियारों की ट्रेनिंग कर कश्मीर लौट रहे हैं। पिछले कुछ आतंकवाद निरोधक अभियानों में 17 ऐसे युवा मारे गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आईएसआई ने आतंकवाद के लिए नया तौर तरीका अपनाया है। वह आतंकवाद को स्वदेशी आंदोलन का रंग देने की कोशिश कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि 2015 के बाद से बड़ी संख्या में युवाओं ने उच्च शिक्षा हासिल करने, रिश्तेदारों से मिलने या शादी के मकसद से पाकिस्तान जाने के लिए यात्रा दस्तावेज (वीजा) हासिल किए। हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने एक बयान जारी कर छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पाकिस्तान की यात्रा न करने की सलाह दी थी। कहा था कि कोई भी भारतीय नागरिक या भारत का विदेशी नागरिक जो पाकिस्तान के किसी भी डिग्री कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश लेना चाहता है वह पाकिस्तान में अर्जित की गई ऐसी शैक्षिक योग्यता के आधार पर भारत में रोजगार या उच्च अध्ययन प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होगा। अधिकारियों ने कहा कि इसका कारण यह था कि इन युवकों का सीमा पार ब्रेनवॉश किया गया था और उनमें से कुछ को हथियारों का प्रशिक्षण दिया गया था या मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल किया गया था।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने एक हुर्रियत नेता और अन्य के खिलाफ पाकिस्तानी कॉलेजों में एमबीबीएस सीटें बेचने और अर्जित धन का आतंकी गतिविधियों के लिए उपयोग करने के मामले में आरोप पत्र दायर किया है। जम्मू-कश्मीर के सैकड़ों छात्रों ने हाल के वर्षों में उच्च अध्ययन के लिए पाकिस्तान की यात्रा की है और उनमें से कुछ का ब्रेनवॉश किया गया था, उन्हें हथियार प्रशिक्षण प्रदान किया गया था या स्लीपर सेल के रूप में भर्ती किया गया था ताकि सीमा पार बैठे संचालकों के साथ साझा करने के लिए जानकारी एकत्र की जा सके। उन्होंने कहा कि अलगाववादी लॉबी हुर्रियत नेताओं से सिफारिश पत्र और पाकिस्तान दूतावास से अन्य वैध यात्रा दस्तावेजों की व्यवस्था कराती रही है ताकि प्रवेश के लिए पाकिस्तान की यात्रा की सुविधा मिल सके। पाकिस्तान में माता-पिता के साथ-साथ छात्रों की सभी व्यवस्था आमतौर पर अलगाववादियों द्वारा पाकिस्तान में स्थित अपने सह-साजिशकर्ताओं के साथ एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी।
विज्ञापन
हुर्रियत कार्यालय में ली गई परीक्षा
छात्रों को पाकिस्तान में हुर्रियत कार्यालय में राष्ट्रीय प्रतिभा खोज (एनटीएस) परीक्षा में शामिल होने के लिए गुप्त रणनीति के रूप में शामिल किया गया था ताकि उन्हें विश्वास हो सके कि वे एक पूर्व योग्यता परीक्षा में शामिल हो रहे हैं जिससे पाकिस्तान में पेशेवर कॉलेजों में उनका प्रवेश होगा। इस तरह के परीक्षा में ज्यादातर कश्मीरी अलगाववादियों और उनके रिश्तेदारों द्वारा मदद की गई थी जो 1990 के दशक में अवैध हथियारों का प्रशिक्षण लेने के लिए पाकिस्तान गए थे और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और वहां के अन्य क्षेत्रों में बस गए थे। परीक्षा के बाद कुछ छात्रों का ब्रेनवॉश किया गया और उन्हें हथियारों के प्रशिक्षण के लिए ले जाया गया और बाद में घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों के साथ जम्मू-कश्मीर में धकेल दिया गया।
वापसी के बाद गायब युवाओं पर नजर
सुरक्षा अधिकारी उन युवाओं पर नजर रख रहे हैं जिन्होंने कम अवधि के लिए वैध वीजा पर पाकिस्तान की यात्रा की और वापसी के बाद गायब हो गए। उनका मानना है कि वे सीमा पार सक्रिय आतंकी समूहों के स्लीपर सेल हो सकते हैं। लापता युवक मुख्य रूप से मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं और उन्हें कश्मीर में आतंकवाद का नया चेहरा बताया गया है। वे हथियारों और गोला-बारूद की डिलीवरी की प्रतीक्षा कर रहे होंगे। हालांकि सुरक्षा बलों ने नियंत्रण रेखा पर कड़ी निगरानी के माध्यम से आपूर्ति लाइन को काफी हद तक रोक दिया है।
रंगरूटों को छह सप्ताह का आईईडी बनाने का प्रशिक्षण
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नए आतंकी रंगरूटों के लिए छह सप्ताह का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चलाया गया था। खुफिया सूचनाओं से पता चलता है कि युवाओं को एक सप्ताह के भीतर आसानी से उपलब्ध विस्फोटक सामग्री का उपयोग करके आईईडी निर्माण की ट्रेनिंग दी गई।
विज्ञापन
अधिकारियों ने बताया कि 2015 के बाद से बड़ी संख्या में युवाओं ने उच्च शिक्षा हासिल करने, रिश्तेदारों से मिलने या शादी के मकसद से पाकिस्तान जाने के लिए यात्रा दस्तावेज (वीजा) हासिल किए। हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने एक बयान जारी कर छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पाकिस्तान की यात्रा न करने की सलाह दी थी। कहा था कि कोई भी भारतीय नागरिक या भारत का विदेशी नागरिक जो पाकिस्तान के किसी भी डिग्री कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश लेना चाहता है वह पाकिस्तान में अर्जित की गई ऐसी शैक्षिक योग्यता के आधार पर भारत में रोजगार या उच्च अध्ययन प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होगा। अधिकारियों ने कहा कि इसका कारण यह था कि इन युवकों का सीमा पार ब्रेनवॉश किया गया था और उनमें से कुछ को हथियारों का प्रशिक्षण दिया गया था या मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल किया गया था।
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने एक हुर्रियत नेता और अन्य के खिलाफ पाकिस्तानी कॉलेजों में एमबीबीएस सीटें बेचने और अर्जित धन का आतंकी गतिविधियों के लिए उपयोग करने के मामले में आरोप पत्र दायर किया है। जम्मू-कश्मीर के सैकड़ों छात्रों ने हाल के वर्षों में उच्च अध्ययन के लिए पाकिस्तान की यात्रा की है और उनमें से कुछ का ब्रेनवॉश किया गया था, उन्हें हथियार प्रशिक्षण प्रदान किया गया था या स्लीपर सेल के रूप में भर्ती किया गया था ताकि सीमा पार बैठे संचालकों के साथ साझा करने के लिए जानकारी एकत्र की जा सके। उन्होंने कहा कि अलगाववादी लॉबी हुर्रियत नेताओं से सिफारिश पत्र और पाकिस्तान दूतावास से अन्य वैध यात्रा दस्तावेजों की व्यवस्था कराती रही है ताकि प्रवेश के लिए पाकिस्तान की यात्रा की सुविधा मिल सके। पाकिस्तान में माता-पिता के साथ-साथ छात्रों की सभी व्यवस्था आमतौर पर अलगाववादियों द्वारा पाकिस्तान में स्थित अपने सह-साजिशकर्ताओं के साथ एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी।
विज्ञापन
हुर्रियत कार्यालय में ली गई परीक्षा
छात्रों को पाकिस्तान में हुर्रियत कार्यालय में राष्ट्रीय प्रतिभा खोज (एनटीएस) परीक्षा में शामिल होने के लिए गुप्त रणनीति के रूप में शामिल किया गया था ताकि उन्हें विश्वास हो सके कि वे एक पूर्व योग्यता परीक्षा में शामिल हो रहे हैं जिससे पाकिस्तान में पेशेवर कॉलेजों में उनका प्रवेश होगा। इस तरह के परीक्षा में ज्यादातर कश्मीरी अलगाववादियों और उनके रिश्तेदारों द्वारा मदद की गई थी जो 1990 के दशक में अवैध हथियारों का प्रशिक्षण लेने के लिए पाकिस्तान गए थे और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और वहां के अन्य क्षेत्रों में बस गए थे। परीक्षा के बाद कुछ छात्रों का ब्रेनवॉश किया गया और उन्हें हथियारों के प्रशिक्षण के लिए ले जाया गया और बाद में घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों के साथ जम्मू-कश्मीर में धकेल दिया गया।
वापसी के बाद गायब युवाओं पर नजर
सुरक्षा अधिकारी उन युवाओं पर नजर रख रहे हैं जिन्होंने कम अवधि के लिए वैध वीजा पर पाकिस्तान की यात्रा की और वापसी के बाद गायब हो गए। उनका मानना है कि वे सीमा पार सक्रिय आतंकी समूहों के स्लीपर सेल हो सकते हैं। लापता युवक मुख्य रूप से मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं और उन्हें कश्मीर में आतंकवाद का नया चेहरा बताया गया है। वे हथियारों और गोला-बारूद की डिलीवरी की प्रतीक्षा कर रहे होंगे। हालांकि सुरक्षा बलों ने नियंत्रण रेखा पर कड़ी निगरानी के माध्यम से आपूर्ति लाइन को काफी हद तक रोक दिया है।
रंगरूटों को छह सप्ताह का आईईडी बनाने का प्रशिक्षण
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नए आतंकी रंगरूटों के लिए छह सप्ताह का प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चलाया गया था। खुफिया सूचनाओं से पता चलता है कि युवाओं को एक सप्ताह के भीतर आसानी से उपलब्ध विस्फोटक सामग्री का उपयोग करके आईईडी निर्माण की ट्रेनिंग दी गई।