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J&K: प्रदेश के गांवों में बढ़ा..शहरों में घटा प्रोटीन का सेवन, खानपान की आदतों में बदलाव माना जा रहा बड़ा कारण

Wed, 09 Jul 2025 01:42 PM IST
निकिता गुप्ता गौरव रावत अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू
गौरव रावत अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Wed, 09 Jul 2025 01:42 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोटीन का सेवन बढ़ा है जबकि शहरी इलाकों में यह घट गया है, जो पोषण संबंधी चिंता का कारण बना है। इसके पीछे शहरी जीवनशैली में बदलाव और फास्ट फूड की बढ़ती खपत प्रमुख कारण हैं।

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J&K: Protein intake increased in the villages of the state..decreased in the cities, change in eating habits i
स्वास्थ्य - फोटो : संवाद

विस्तार

शहरीकरण की तेज रफ्तार के बीच जम्मू-कश्मीर में पोषण से जुड़ी एक चिंताजनक स्थिति सामने आई है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जहां लोगों के भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ रही है, वहीं शहरी इलाकों में इसके सेवन में कमी आई है।

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यह जानकारी केंद्र सरकार की ‘भारत में पौष्टिक अंतर ग्रहण’रिपोर्ट में सामने आई है।रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022-23 में जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन औसतन 68.4 ग्राम प्रोटीन का सेवन हो रहा था, जो 2023-24 में बढ़कर 70.9 ग्राम प्रतिदिन हो गया।
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शहरी क्षेत्रों में 2022-23 में यह आंकड़ा 70.4 ग्राम प्रतिदिन था, जो 2023-24 में घटकर 69.3 ग्राम रह गया। पड़ोसी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से तुलना करें तो जम्मू-कश्मीर की स्थिति सबसे कमजोर है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, लद्दाख व चंडीगढ़ में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में प्रोटीन का सेवन बढ़ा है।

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प्रोटीन का शरीर में महत्व
यह रिपोर्ट केंद्र सरकार के सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से अगस्त 2022 से जुलाई 2024 के बीच किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। सर्वे में 2022-23 के दौरान 3,533 और 2023-24 में 3,582 परिवारों से पूछताछ की गई। बता दें कि प्रोटीन शरीर के विकास, मांपेशियों की मजबूती और कोशिकाओं की मरम्मत के लिए आवश्यक पोषक तत्व है।

शहरी जीवनशैली में बदलाव और फास्ट फूड की बढ़ती लोकप्रियता
सबसे बड़ी वजह शहरी जीवनशैली और फास्ट फूडपोषण विशेषज्ञ मिताली गुप्ता ने बताया कि प्रोटीन की खपत में आई कमी का मुख्य कारण बदलती जीवनशैली और भोजन की आदतें हैं। खासकर युवाओं में डाइट को लेकर जागरूकता की कमी देखी जा रही है।

बिना सोचे-समझे सोशल मीडिया पर दिखने वाले फूड ट्रेंड्स और डाइट प्लांस को फॉलो करना, स्वाद के लिए सेहत से समझौता करना आम हो गया है। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पा रहे हैं।

फास्ट फूड की बढ़ती खपत शहरी लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल रही है। बर्गर, पिज्जा, चाउमिन जैसे उत्पादों में प्रोटीन की मात्रा बहुत कम होती है। इनमें वसा और कार्बोहाइड्रेट अधिक होता है जिससे शरीर का पोषण संतुलन बिगड़ता है। इसी वजह से फैटी लिवर जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। डॉ. परवीन जोगराज पूर्व चिकित्सा अधीक्षक, गांधीनगर अस्पताल

जम्मू-कश्मीर और अन्य प्रदेशों के शहरों में प्रतिदिन औसतन प्रोटीन का सेवन
 
प्रदेश     2022-23 (ग्राम में)  2023-24 (ग्राम में)  
जम्मू-कश्मीर 70.4  69.3
हिमाचल 75.0 76.7
पंजाब  65.1   68.0
लद्दाख  77.8 82.7
हरियाणा 64.8   66.5
उत्तराखंड  64.9  65.1
स्रोत - ‘भारत में पौष्टिक अंतर ग्रहण’ रिपोर्ट
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