कैबिनेट बैठक में विकास का रोडमैप तैयार: जम्मू में फ्लाईओवर को मंजूरी, कश्मीर में कोर्ट परिसरों के लिए जमीन तय
जम्मू-कश्मीर कैबिनेट ने जम्मू के मुट्ठी से शकुंतला थियेटर तक करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से 2 किमी लंबे फ्लाईओवर को मंजूरी दी।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर सरकार ने जम्मू के मुट्ठी में प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण को मंजूरी दे दी है। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह फ्लाईओवर दो किलोमीटर लंबा होगा। यह मुट्ठी से शुरू होकर शकुंतला थियेटर तक बनेगा।
वीरवार को श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। कैबिनेट में जिला न्यायालयों के लिए जमीन के चयन को भी मंजूरी दी गई है। कश्मीर में न्यायालयों के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव कैबिनेट में प्रस्तुत किए गए और चर्चा के बाद इन्हें पारित कर दिया गया।
कैबिनेट में विधानसभा के शरदकालीन सत्र पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान सरकार की तरफ से प्रस्तुत किए जाने वाले विधेयकों और प्रस्तावों पर कैबिनेट ने सहमति जताई। प्रदेश सरकार शरदकालीन सत्र में चार विधेयक पारित करवा सकती है। विधानसभा का शरदकालीन सत्र 21 सितंबर से श्रीनगर में शुरू हो रहा है।
इन पर भी हुई चर्चा :
कैबिनेट में कारोबार के लिए 'सिंगल विंडो' योजना शुरू करने, 'होम स्टे' योजना को सुचारू बनाने, विजयपुर में औद्योगिक पार्क स्थापित करने और दूरदराज के इलाकों तक 4जी मोबाइल सेवाएं पहुंचाने के लिए बीएसएनएल को भूमि हस्तांतरित करने पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट बैठक में जनकल्याण और सुशासन से जुड़े प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया है। इन प्रस्तावों को उपराज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी के बाद प्रस्ताव पारित होंगे और इन्हें धरातल पर साकार किया जाएगा।
ये रहे मौजूद
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, वन व जलशक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा, शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जावेद अहमद डार और खेल व परिवहन मंत्री सतीश शर्मा सहित मुख्य सचिव अटल डुल्लू मौजूद थे।
चर्चा से दूर रहे इंटर्न स्टाइपेंड और डेलीवेजर्स के मुद्दे
कैबिनेट की बैठक में इंटर्न एमबीबीएस स्टाइपेंड मामले पर चर्चा होने की संभावना थी। इस मामले को लेकर प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे और शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने यह मामला वित्त विभाग के पास होने की बात कही थी। लेकिन, गुरुवार को कैबिनेट में इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। इसके अलावा, डेलीवेजर्स को लेकर भी सरकार ने अपने अगले कदम का कोई फैसला नहीं लिया है।