J&K में सरकार गठन को लेकर महबूबा मुफ्ती जल्द करेंगी बैठक
- सूत्रों के मुताबिक बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने की वजह से कई वरिष्ठ पार्टी नेता जम्मू में फंसे हैं।
- पीडीपी के सूत्रों ने कहा, भाजपा इस तरह का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है कि पीडीपी सरकार गठन के लिए कुछ नई मांगें कर रही है जो सच नहीं है।
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पीडीपी अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती जम्मू कश्मीर में भाजपा के साथ सरकार बनाने को लेकर बने गतिरोध के बारे में पैदा हो रहे संशय पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए आने वाले दिनों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुला सकती हैं।
पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, पीडीपी अध्यक्ष सरकार गठन पर पिछले सप्ताह के घटनाक्रम के बारे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सूचित करने के लिए अगले कुछ दिन में उनके साथ बैठक बुला सकती हैं।
सूत्रों के मुताबिक बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने की वजह से कई वरिष्ठ पार्टी नेता जम्मू में फंसे हैं। पीडीपी और भाजपा के बीच सरकार गठन को लेकर गतिरोध समाप्त नहीं हो सका है। दोनों पार्टियों के अध्यक्षों महबूबा मुफ्ती और अमित शाह की गुरूवार को हुई मुलाकात से भी कोई रास्ता नहीं निकल सका।
‘एजेंडा ऑफ अलायंस’ के क्रियान्वयन पर आश्वासन
भाजपा ने जहां कहा कि वह पीडीपी की नई शर्तों के आधार पर सरकार नहीं बना सकती, वहीं क्षेत्रीय पार्टी का कहना है कि उसने कोई नयी मांग नहीं की है लेकिन वह ‘एजेंडा ऑफ अलायंस’ के क्रियान्वयन के लिए समयसीमा का आश्वासन चाहती है जो दोनों दलों के बीच पिछले साल तय हुआ था।
पीडीपी के सूत्रों ने कहा, भाजपा इस तरह का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है कि पीडीपी सरकार गठन के लिए कुछ नई मांगें कर रही है जो सच नहीं है। हम केवल गठबंधन के एजेंडा का क्रियान्वयन चाहते हैं।
इन आशंकाओं को दूर करना होगा। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात में पीडीपी अध्यक्ष द्वारा उठाये गये मुद्दे गठबंधन के एजेंडा का हिस्सा हैं जिसे पीडीपी नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद ने भाजपा के साथ मिलकर तय किया था।
उन्होंने कहा, पीडीपी अध्यक्ष ने बार बार स्पष्ट किया है कि वह भाजपा के साथ गठबंधन बनाने के उनके पिता के फैसले के साथ रहेंगी चूंकि वह इस बात से सहमत थे कि यह राज्य की जनता के हित में है। सूत्रों के मुताबिक महबूबा जारी गतिरोध पर अपनी पार्टी के रख को रखने के लिए एक या दो दिन में संवाददाता सम्मेलन बुला सकती हैं।