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कश्मीर में आईएस की बढ़ रही पैठ सुरक्षा बलों के लिए बनी बड़ी चुनौती

Sun, 21 May 2017 03:12 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र,अमर उजाला/जम्मू Updated Sun, 21 May 2017 03:12 PM IST
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ISIS spreading feets in kashmir valley
ISIS - फोटो : File Photo

कश्मीर में आतंकवाद के नए खतरों से सुरक्षा बलों की चुनौतियां बढ़ गईं हैं। हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर जाकिर मूसा की बगावत के बाद घाटी में इस्लामिक स्टेट को पैर पसारने के लिए जमीन मिल गई है। आईएस के झंडे पहले भी कश्मीर में लहराए जाते रहे हैं, लेकिन कश्मीर के आतंकी हमलों में अब तक इस आतंकी संगठन की सीधे तौर पर भागीदारी नहीं दिखी है।

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लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन की अलगाववादियों से मिलीभगत कई मौकों पर उजागर हुई है। अब आतंकी संगठनों में कश्मीर को सियासी मसला मानने पर फूट पड़ गई है। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक हिजबुल के आतंकी मूसा द्वारा अलगाववादियों को सबक सिखाने का एलान आतंकी संगठनों की बदली हुई रणनीति का परिणाम है।
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आईएस की विचारधारा के समर्थक कश्मीर में मौजूद हैं। अब आईएस द्वारा कश्मीर में कैंप बनाने का खतरा बढ़ा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी इस बाबत रिपोर्ट भेजी गई है। हालांकि मूसा ने अपने वीडियो में अल कायदा या आईएस में शामिल होने से इनकार किया है लेकिन मूसा के समर्थन में नए-नए आतंकी संगठनों का आना खतरों की ओर इशारा करता है। 

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कश्मीर में प्रदर्शनों के दौरान निजामे-आई-मुस्तफा के नारे

ISIS spreading feets in kashmir valley
कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन - फोटो : File Photo

कश्मीर के कालेजों के छात्र पत्थरबाजी के दौरान अब सिर्फ आजादी के नारे नहीं लगाते हैं, बल्कि निजामे-आई-मुस्तफा के भी नारे लगा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि यह बदलाव आईएस के सुप्त वर्करों द्वारा विचारधारा को फैलाने की कोशिशों का हिस्सा है।

नारेबाजी के दौरान अब कैसी होगी आजादी की भी चर्चा होने लगी है, जिसमें अल्लाह के राज और मुस्तफा के आदेश की बात कही जाती है। आतंकी संगठन अब धर्मनिरपेक्ष आजाद कश्मीर के लिए नहीं, बल्कि धर्म के नाम पर कुर्बानी के लिए युवकों को उकसा रहे हैं। 

हिजबुल मुजाहिदीन से अलग हुए आतंकी मूसा ने अलगाववादियों द्वारा बंद और हड़ताल के लिए मस्जिदों के इस्तेमाल पर सवाल उठाकर कश्मीर की लड़ाई को धार्मिक बताया। यही बात आईएस के सुप्त वर्कर्स छात्रों को समझा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट भी मानती है कि बंद और हड़ताल में मस्जिद कमेटियों का इस्तेमाल होता रहा है। 

कश्मीरियत बनाम इस्लाम पर उभरे नए आतंकी संगठन

ISIS spreading feets in kashmir valley
उभरे नए आतंकी संगठन - फोटो : Demo Photo
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती युवकों से कश्मीरियत की पहचान को कायम रखने की अपील कर रही हैं, जबकि नए आतंकी संगठन इस्लामिक पहचान की बात कर रहे हैं। हरकत-उल मुजाहिदीन और कश्मीर तालिबान नामक दो नए संगठन एक सप्ताह के अंदर कश्मीर में सक्रिय हुए हैं। इसी तरह मोबाइल टावरों को जलाए जाने के वक्त लश्कर-ए इस्लाम नामक नया संगठन पैदा हो गया था। सुरक्षा एजेंसियां इस बदलाव को गंभीरता से ले रही हैं।
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