जम्मू-कश्मीर को प्रधानमंत्री मोदी की ईदी का इंतजार
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केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को पूर्वोत्तर के राज्यों की तर्ज पर विशेष पैकेज देने का निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य में उद्योगों को आयकर और एक्साइज ड्यूटी में शत प्रतिशत की छूट दी जाएगी। केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बाबत जम्मू-कश्मीर के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा को भरोसा दिया है।
फिलहाल राज्य को केंद्रीय औद्योगिक पैकेज के तहत मिलने वाली कुछ रियायतों की अवधि की 2017 तक जारी है। जम्मू-कश्मीर की मांग पर केंद्र सरकार इसकी अवधि में पांच वर्ष का इजाफा कर सकती है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी इस प्रकार का पैकेज जम्मू कश्मीर को दिया था।
यूपीए शासनकाल में इस पैकेज को समय विस्तार मिलता रहा लेकिन उद्योगों को आयकर और एक्साइज ड्यूटी की शत प्रतिशत माफी के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया था। केंद्र सरकार विशेष रियायतों के जरिए देशी और विदेशी निवेशकों को रिझाना चाहती है। जम्मू-कश्मीर की औद्योगिक नीति की अवधि भी समाप्त हो रही है।
इसे दो बार तीन माह और दो माह का विस्तार दिया जा चुका है। जम्मू-कश्मीर के मंत्री गंगा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि नई औद्योगिक नीति अगस्त में लागू कर दी जाएगी।
मोदी के सपने को साकार करने की योजना
जम्मू-कश्मीर ने विकास के गुजरात मॉडल को अपनाने का फैसला लिया है। इसलिए सबसे पहले सिंगल विंडो सिस्टम को लागू किया जा रहा है। एक छत के नीचे उद्योगों को सभी तरह की मंजूरी मिल जाएगी। उद्योग महा प्रबंधकों को पांच करोड़ तक के उद्योगों को स्वीकृति देने का अधिकार दे दिया गया है।
बेहतर विश्वास के माहौल के लिए उद्योगों को अपने सर्टिफिकेट के आधार पर बाहर से माल मंगाने की छूट दी जा रही है। गंगा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ के सपने को भी साकार करने की योजना है।
इसके तहत रेल मार्ग और हाईवे से जुड़े अनंतनाग, श्रीनगर, बिजबिहेड़ा, सांबा. कठुआ और उधमपुर में रोजगार परक उद्योगों की स्थापना की पहल की जा रही है। स्किल डेवलपमेंट के लिए घाटी और कठुआ में प्रशिक्षण केंद्र बनाए जा रहे हैं। इस पर 100 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
कठुआ में बायोटेक्निकल पार्क को मंजूरी मिल चुकी है। कश्मीर और बसोहली के शाल उद्योग के विकास के लिए खास योजना बनाई गई है। उधमपुर के चिनैनी में कलस्टर विकास केंद्र बनाया जा रहा है।