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भारत-पाक के बीच शांति प्रक्रिया जरूरी: महबूबा

Thu, 23 Jun 2016 10:41 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/सांबा
ब्यूरो, अमर उजाला/सांबा Updated Thu, 23 Jun 2016 10:41 PM IST
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Indo-Pak peace process must: Mehbooba
मेले में सीएम महबूबा ने भी ल‌िया ह‌िस्सा - फोटो : Amar Ujala
वीरवार को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रामगढ़ सेक्टर में आयोजित बाबा चमलियाल मेले में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी पहुंचीं। महबूबा बाबा चमलियाल की दरगाह पर माथा टेकने वाली पहली मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने दरगाह पर चादर भी चढ़ाई। 
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मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित चमलियाल को भारत-पाक की दोस्ती की निशानी बनाएंगे। उन्होंने दोनों के बीच शांति प्रक्रिया को बहाल करने की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि यह जम्मू-कश्मीर और उस पार शांति लाने के लिए यह बहुत आवश्यक है।
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दोनों क्षेत्रों में सांस्कृतिक समानता इतनी मजबूत है कि इसका विरोध करना बहुत ही मुश्किल है। साथ ही आश्चर्य जताया कि दो पड़ोसियों के बीच शत्रुता खबर बन सकती है तो इस तरह की सांस्कृतिक खुशमिजाजी क्यों नहीं। चमलियाल के सामाजिक-धार्मिक महत्व के आधार पर कहा कि यह क्षेत्र सुलह के नए आंदोलन का केंद्र बन सकता है। मेले में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे।
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पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चमलियाल गांव को विकसित किया जाएगा

Indo-Pak peace process must: Mehbooba
मेले में भारी संख्या में पहुंचे लोग - फोटो : Amar Ujala
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सीमा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चमलियाल गांव को विकसित किया जाएगा। सीमा पार के लोगों के साथ संपर्क बढ़ाने के लिए नए केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक ही मां की संतानों में अंतहीन प्रतिद्वंद्विता की तरह भारत और पाकिस्तान पिछले छह दशकों से अधिक समय से आपस में जूझ रहे हैं।

इस प्रतिद्वंद्विता को एक परिपक्व, उत्पादक रिश्ते में बदलना मुश्किल होगा, लेकिन, इसे जारी रखकर दुश्मनी का परिणाम भी बहुत बुरा होगा। दोनों देशों की संस्कृतियों में एक दूसरे के लिए स्नेह होने के चलते दोनों देशों के बीच हमेशा दोस्ती की संभावना है। कहा कि दोनों देशों में सामान्य संबंध व्यापार के लिए वरदान साबित होंगे।

निकट भविष्य में इस उपमहाद्वीप में आर्थिक समृद्धि और शांति के लिए संबंधों का निर्माण महत्वपूर्ण है। कहा कि यदि हम समस्याओं को हल करने में सक्षम हैं तो दोनों देश कुछ भी हासिल कर सकते हैं। महबूबा ने उम्मीद जताई कि यह भी संभव है कि वे (पाकिस्तानी) अपनी सोच को बदलें और इतिहास के एकतरफा भावनात्मक आरोपों को तोड़कर बाहर निकलें।  

उन्होंने कहा कि इसे शुरू करने के लिए कला, पर्यावरण, संस्कृति, युवा मामले, खेल, सूचना और मीडिया जैसे विभिन्न क्षेत्रों में मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान शुरू हो सकता है।पत्रकारों से उन्होंने भारत और पाकिस्तान के लोगों के बीच के सांस्कृतिक सौहार्द को उजागर करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि हमारे अच्छे इरादों का पड़ोसी द्वारा ऐसा ही जवाब दिया जाएगा। अविश्वास को दूर करने तथा बातचीत व सुलह के लिए सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने के लिए लोगों का लोगों से संपर्क बढ़े, इसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर उनके साथ सांसद जुगल किशोर शर्मा, रियासत के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा और पर्यटन राज्यमंत्री प्रिया सेठी भी थीं।
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