{"_id":"5dab45868ebc3e015d44dc3a","slug":"indian-army-will-get-40-thousand-indigenous-bulletproof-jackets-this-year-able-to-stop-ak-47-bullet","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीय सेना को इस साल मिलेंगी 40 हजार स्वदेशी बुलेटप्रूफ जैकेट, एके-47 की गोली को भी रोकने में सक्षम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारतीय सेना को इस साल मिलेंगी 40 हजार स्वदेशी बुलेटप्रूफ जैकेट, एके-47 की गोली को भी रोकने में सक्षम
Sun, 20 Oct 2019 12:05 AM IST
Pranjal Dixit
एजेंसी, जम्मू
एजेंसी, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 20 Oct 2019 12:05 AM IST
विज्ञापन
भारतीय सेना (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय सेना को 40 हजार स्वदेशी बुलेटप्रूफ जैकेट की आपूर्ति की जाएगी, जिनका इस्तेमाल जवान कश्मीर घाटी में आतंक रोधी अभियान के दौरान करेंगे।
बुलेटप्रूफ जैकेट को विकसित करने वाली कंपनी एसएमपीपी प्राइवेट लिमिटेड के मेजर जनरल (रिटायर्ड) अनिल ओबेराय ने दावा किया कि यह जैकेट एके-47 राइफल से चली गोली को भी रोकने में सक्षम है।
इसकी गोली को हार्ड स्टील कोर का माना जाता है, जिसमें काफी शक्ति होती है। हमारी जैकेट इसके असर को रोकने में सफल है।
ओबेराय ने कहा कि हमें भरोसा है कि हम सेना को इन जैकेट की आपूर्ति समय से पहले कर पाएंगे। पहले साल में हम केवल 36 हजार जैकेट की आपूर्ति कर पाए थे, लेकिन इस बार हम समय से पहले 40 हजार जैकेट की आपूर्ति कर पाएंगे। हमें इस ऑर्डर को 2021 में पूरा करना था, लेकिन हम इसे 2020 के अंत तक पूरा कर लेंगे।
पिछले साल रक्षा मंत्रालय ने 1.8 लाख बुलेटप्रूफ जैकेट का अनुबंध एसएमपीपी को दिया था। इन जैकेट की आपूर्ति कानपुर के केंद्रीय आयुध डिपो में की जाएगी, जहां से इन्हें जम्मू-कश्मीर व अन्य हिंसा ग्रस्त इलाकों में भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुलेटप्रूफ जैकेट को विकसित करने वाली कंपनी एसएमपीपी प्राइवेट लिमिटेड के मेजर जनरल (रिटायर्ड) अनिल ओबेराय ने दावा किया कि यह जैकेट एके-47 राइफल से चली गोली को भी रोकने में सक्षम है।
इसकी गोली को हार्ड स्टील कोर का माना जाता है, जिसमें काफी शक्ति होती है। हमारी जैकेट इसके असर को रोकने में सफल है।
ओबेराय ने कहा कि हमें भरोसा है कि हम सेना को इन जैकेट की आपूर्ति समय से पहले कर पाएंगे। पहले साल में हम केवल 36 हजार जैकेट की आपूर्ति कर पाए थे, लेकिन इस बार हम समय से पहले 40 हजार जैकेट की आपूर्ति कर पाएंगे। हमें इस ऑर्डर को 2021 में पूरा करना था, लेकिन हम इसे 2020 के अंत तक पूरा कर लेंगे।
विज्ञापन
पिछले साल रक्षा मंत्रालय ने 1.8 लाख बुलेटप्रूफ जैकेट का अनुबंध एसएमपीपी को दिया था। इन जैकेट की आपूर्ति कानपुर के केंद्रीय आयुध डिपो में की जाएगी, जहां से इन्हें जम्मू-कश्मीर व अन्य हिंसा ग्रस्त इलाकों में भेजा जाएगा।
विज्ञापन