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लद्दाख: भारत-चीन सेना ने दिखाया अपना-अपना दम
Updated Sun, 07 Feb 2016 10:13 PM IST
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भारत और चीनी सेना ने लद्दाख के चुशूल-मोलडो क्षेत्र में संयुक्त सामरिक अभ्यास किया। इस दौरान उनका केंद्र बिंदू आपदा राहत और मानवता अभियान मुद्दों पर रहा।
सैन्य प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी के अनुसार एकदिवसीय अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चल रहे शांति के प्रयासों और आपसी तालमेल का नतीजा है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए आपसी समझौते के तहत आपदा के समय संयुक्त रूप से मानवीय मदद और आपदा राहत चलाने के अभ्यास किया गया।
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सैन्य प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी के अनुसार एकदिवसीय अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चल रहे शांति के प्रयासों और आपसी तालमेल का नतीजा है।
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उन्होंने कहा कि पूर्व में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुए आपसी समझौते के तहत आपदा के समय संयुक्त रूप से मानवीय मदद और आपदा राहत चलाने के अभ्यास किया गया।
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दोनों देशों में विश्वास बहाली के लिए किया गया अभ्यास
30 सदस्यीय भारतीय दल का नेतृत्व कर्नल रितेश चंद्र सिंह कर रहे थे, जबकि चीनी सेना ने कर्नल क्यू यी के नेतृत्व में अभ्यास में भाग लिया।
सैन्य प्रवक्ता के अनुसार संयुक्त अभ्यास को ‘सिनो-इंडिया कोआपरेशन 2016’ नाम दिया गया। हाल ही में इसी तरह सिक्किम में भी दोनों देशों की सेनाओं ने ‘हैंड इन हैंड’ सीरीज के तहत संयुक्त अभ्यास चलाया था।
प्रवक्ता के अनुसार दोनों देशों की सेनाओं के आपस में रूबरू होना विश्वास बहाल करने के लिए सकारात्मक कदम है और भविष्य में भी ऐसे अभ्यास किए जाएंगे।
सैन्य प्रवक्ता के अनुसार संयुक्त अभ्यास को ‘सिनो-इंडिया कोआपरेशन 2016’ नाम दिया गया। हाल ही में इसी तरह सिक्किम में भी दोनों देशों की सेनाओं ने ‘हैंड इन हैंड’ सीरीज के तहत संयुक्त अभ्यास चलाया था।
प्रवक्ता के अनुसार दोनों देशों की सेनाओं के आपस में रूबरू होना विश्वास बहाल करने के लिए सकारात्मक कदम है और भविष्य में भी ऐसे अभ्यास किए जाएंगे।