{"_id":"5db200b48ebc3e93b95248ff","slug":"independents-dominate-bdc-election-winning-217-out-of-307-in-jammu-and-kashmir","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीरः बीडीसी चुनाव में निर्दलियों का दबदबा, 307 में से 217 पर जीते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीरः बीडीसी चुनाव में निर्दलियों का दबदबा, 307 में से 217 पर जीते
Fri, 25 Oct 2019 01:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 25 Oct 2019 01:21 AM IST
विज्ञापन
election
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनुच्छेद 370 और 35-ए को हटाए जाने के बाद पहली बार जम्मू कश्मीर में हुए पंचायतों के ब्लाक डेवलपमेंट काउंसिल (बीडीसी) चुनाव में निर्दलियों का दबदबा रहा। 307 पदों के लिए हुए चुनाव में से 217 पर निर्दलीय जीते। भाजपा को 81 सीटें मिलीं। इनमें जम्मू संभाग में 52, कश्मीर में 18 और लद्दाख में 11 सीटें हैं। पैंथर्स पार्टी को आठ व कांग्रेस को एक सीट पर कामयाबी मिली।
विज्ञापन
इससे पहले सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में कुल मिलाकर 98.3 फीसदी मतदान हुआ है। श्रीनगर में सौ फीसदी मतदान का रिकार्ड बना है।
मुख्य चुनाव अधिकारी शैलेंद्र कुमार के अनुसार श्रीनगर में सौ फीसदी मतदाताओं ने मतदान किया। अनंतनाग में 90.5, बांदीपोरा में 97.6, बारामुला में 97.1, बडगाम में 94.9, डोडा में 99.2, गांदरबल में 95.1, जम्मू में 99.5, कारगिल में 98.3, कठुआ में 99.4, किश्तवाड़ में 99.5, कुलगाम में 93.9, कुपवाड़ा में 95.9, लेह में 97.3, पुंछ में 99.3 फीसदी मतदान हुआ।
विज्ञापन
पुलवामा में 86.2, राजोरी में 99.5, रामबन में 99.2, रियासी में 99.7, सांबा में 99.6, शोपियां में 85.3 और उधमपुर में 99.4 फीसदी मतदाताओं ने वोट किया। कुल 307 ब्लाकों के लिए बीडीसी चुनाव हुआ। इनमें से 27 ब्लाकों में निर्विरोध उम्मीदवार विजेता घोषित हुए थे। 1065 उम्मीदवारों ने चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमाया।
विज्ञापन
नेकां, पीडीपी व कांग्रेस ने बना रखी थी दूरी
चुनाव से नेकां, पीडीपी, कांग्रेस व सीपीआई (एम) ने दूरी बना रखी थी। इन तीनों पार्टियों ने नेताओं को नजरबंद किए जाने का हवाला देते हुए चुनाव लायक माहौल न होने की बात कही थी।