राजोरी में कर्फ्यू जारी, सेना ने किया फ्लैग मार्च
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आईएस के झंडे जलाने के बाद उत्पन्न तनाव को देखते हुए मंगलवार को शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया। सेना ने फ्लैग मार्च किया। पथराव में तीन पुलिस कर्मी जख्मी हुए हैं। पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
डीसी राजोरी दीप्ति उप्पल ने दावा किया कि स्थिति नियंत्रण में है। किसी को कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। ईद पर घाटी में आईएस और पाक के झंडे लहराए जाने के विरोध में विहिप व बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आईएस का झंडा जलाया था।
मुसलिम समुदाय के कुछ लोगों का आरोप है कि झंडे पर धार्मिक पंक्तियां अंकित थीं। इसलिए उसे जलाने से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं हैं। झंडा जलाने वालों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए मंगलवार को राजोरी बंद का आह्वान किया गया।
मंगलवार दोपहर बाद कुछ शरारती तत्वों ने शहर के अब्दुल्ला पुल पर तैनात पुलिस कर्मियों पर पथराव कर दिया। इसमें तीन जवान घायल हो गए। माहौल बिगड़ते देख डीसी ने धारा 144 लगा दी।
कुछ युवकों ने किया माहौल बिगाड़ने का प्रयास
इसे तोड़ते हुए कुछ युवकों ने शहर के बाजारों में तोड़फोड़ की कोशिश की। हालात गंभीर होते देख डीसी ने कर्फ्यू की घोषणा कर दी। सेना ने गुज्जर मंडी तथा शहर के मुख्य बाजार में फ्लैग मार्च किया।
इससे पहले सोमवार को दिनभर जिला प्रशासन, पुलिस और दोनों समुदायों के बीच बैठकों के कई दौर चले लेकिन बात नहीं बन पाई। विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि आईएस के बैनर पर लिखे कलमे की उन्हें जानकारी नहीं थी, जो कुछ हुआ वह अनजाने में हुआ।
दूसरे समुदाय के लोग इससे संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने राजोरी बंद की घोषणा कर दी। मंगलवार सुबह जिला प्रशासन और दोनों समुदायों के वरिष्ठ नागरिकों के साथ हुई बैठक में दोनों समुदाय के लोगों के बीच दुकानें खोलने और बंद की घोषणा वापस लेने पर सहमति बन गई। इस बीच दोपहर बाद कुछ शरारती तत्वों ने माहौल खराब कर दिया।
झंडा जलाना राष्ट्रीयता का प्रतीक, नहीं होगी गिरफ्तारीः निर्मल
डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह ने कहा है कि राष्ट्र विरोधी तत्वों का झंडा जलाने वालों की गिरफ्तारी का प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन और राष्ट्र विरोधी तत्वों का झंडा जलाना राष्ट्रीयता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि राजोरी में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति नहीं है। दोनों समुदायों से शांति तथा अमन बहाली की अपील की गई है। किसी की भावना को ठेस पहुंचाना मकसद नहीं है।
शहर का चप्पा-चप्पा सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के हवाले
राजोरी का चप्पा-चप्पा सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के हवाले कर दिया गया है। शहर के हालात पर प्रशासन, पुलिस व सेना के अधिकारी नजर बनाए हुए हैं।
सीएपीडी मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली, एमएलसी विबोध गुप्ता और विधायक कमर चौधरी ने दोनों समुदाय के लोगों से अमन व शांति बनाए रखने की अपील की है।