जम्मू-कश्मीर: अब छात्रों को अंक पत्र व अन्य दस्तावेज डिजिलॉकर से मिलेंगे, शिक्षा बोर्ड तैयार करेगा डेटाबेस
छात्र-छात्राएं बोर्ड में पंजीकृत मोबाइल नंबर, आधार नंबर अथवा फेस मैचिंग तकनीक के जरिए डिजिटल लॉकर का इस्तेमाल कर सकेंगे।
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प्रदेश में स्कूली बच्चों को डिजिलॉकर से दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन उनका डेटाबेस तैयार करेगा। इसमें बच्चों के आधार नंबर को लिंक किया जाएगा, जिसके बाद उनके हर परिणाम की जानकरी डिजिलॉकर में होगी और डिजिलॉकर से ही उन्हें अंक पत्र, माइग्रेशन प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज उपलब्ध होंगे। बोर्ड के अधिकारियों ने हाल में दिल्ली में नेशनल अकादमी डिपॉजिटरी के साथ बैठक की थी, जिसके बाद अब इस पर काम चल रहा है।
डिजिलॉकर की सुविधा उपलब्ध होने से बच्चों को स्कूल और बोर्ड के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बोर्ड ने नेशनल अकादमी डिपॉजिटरी के साथ एमओयू साइन किया है। ये एजेंसी भारत सरकार की है जो इसे तैयार कर रही है। हालांकि बोर्ड अभी यह तय नहीं कर पाया है कि कब डिजिलॉकर की सुविधा शुरू होगी, लेकिन संभवत: अलगे वर्ष से बच्चों को सुविधा मिल सकेगी। इससे बच्चों या अभिभावकों को अंकपत्र, माइग्रेशन, प्रमाण पत्र या अन्य जरूरी दस्तावेजों के लिए बेवजह स्कूलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। स्कूलों की भी परेशानी कम होगी।
इसमें थोड़ा और समय लगेगा, लेकिन हम इस पर काम कर रहे हैं। डिजिलॉकर की सुविधा शुरू करने से पहले छात्रों का डेटाबेस तैयार किया जाएगा। बोर्ड के अधिकारी दिल्ली में नेशनल अकादमी डिपॉजिटर के साथ मिले थे और अब प्रदेश में इस पर काम चल रहा है। - वीणा पंडिता, चेयरमैन, जेके बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन
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