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Jammu News: सात घंटे फंसे रहे आईआईआईएम के स्टूडेंट, चिशोती आपदा के ख्याल ने डराया
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- हॉस्टल में पानी भर जाने से फंसे थे 45 छात्र
-दस राउंड में एसडीआरएफ की टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला
-हॉस्टल के भूतल तक बारिश का पानी घुसा,परिसर के मैदान भी जलमग्नअमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कैनाल रोड स्थित ट्रिपल आईएम परिसर में रविवार सुबह से ही अफरातफरी मची हुई थी। निदेशक समेत पूरी फैकल्टी मौजूद थी। कैंपस में स्थित परिवार चारों तरफ इकट्ठा थे। पुलिस की टीम पहुंच चुकी थी और एसडीआरएफ की टीम पहुंचने वाली थी। हॉस्टल में छात्र फंसे थे, सभी को उनके बाहर निकलने का इंतजार था। बाहर निकलने के बाद राहत की सांस ली स्टूडेंट्स ने, कहा कि जितनी देर अंदर फंसे थे, बस चिशोती की आपदा याद आ रही थी।
सुबह 11 बजे के करीब एसडीआरएफ की टीम ने नाव पानी में उतारी और छात्रों के लेने के लिए गई। करीब सवा एक बजे तक रेस्क्यू आपरेशन चला। 10 राउंड में 50 से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया। इसमें 45 छात्र थे। निदेशक डॉ. जुबीर अहमद ने बताया कि सभी छात्र सुरक्षित हैं। निचले स्तर पर होने के कारण पानी भर जाता है। सभी को सुरक्षित रेस्क्यू कर गेस्ट हाउस में शिफ्ट कर दिया गया है।
आंख खुली तो खुद को डूबा हुआ पाया, डर तो लगता है न
पीएचडी स्कॉलर बिश्माह रसूल, आकांक्षा ने कहा कि सुबह छह बजे हमारी आंख खुली तो अंधेरा था। मोबाइल फोन की रोशनी में देखा की चारों तरफ पानी ही पानी। एक पल को कुछ समझ ही नहीं आया कि क्या है, फिर अहसास हुआ कि पानी भर गया है, बारिश हो रही है। हम लोगों ने फोन पर सूचना संस्थान के अधिकारियों को दी, उसके बाद से फोन आने शुरु हुए और हमें ढांढस बंधाते रहे सब। हम लोग ऊपर के फ्लोर पर गए, डर किसे नहीं लगता है।
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भूतल पर रहने वाले छात्रों के डाक्यूमेंटस भीगे, जिसे जो मिला लेकर निकला
बचाव दल की नाव में सवाल छात्र-छात्राएं अपने साथ अपने कागज, फाइल, लैपटाप, कुछ कपड़े लिए निकल आए। सबसे ज्यादा चिंता उन्हें अपने डाक्यूमेंट्स की थी।
बाहर आते ही चेहरे पर मुस्कान आई, फैकल्टी ने कराया नाश्ता
नाव पर बैठे उनके चेहरों पर दहशत और डर नजर आ रहा था। नाव से उतरते ही खुद को सुरक्षित पाकर उनके चेहरे पर आई हल्की सी मुस्कान बता रही थी कि अब सब ठीक है। बाहर नाश्ता लेकर एक वैन तैयार थी। सभी स्टूडेंट्स का निदेशक, फैकल्टी पहले हाल पूछते, उसके बाद उन्हें चाय-नाश्ता दे रहे थे।
कोई वीडिया काल कर घर को खैरियत बता रहा
नाव से उतरने के बाद छात्र-छात्राओं के फोन भी घनघना रहे थे। कोई अपने घर फोन पर तो कोई वीडिया काल करके अपनी खैरियत परिवार के लोगों को बता रहा था।
आईआईआईएम छात्रावास में जलभराव की सूचना पर मचा हड़कंप
आईआईएमम छात्रावास में भीषण जलभराव,छात्रों के फंसे होने की सूचना पर प्रशासन हरकत में आ गया। आनन-फानन एसडीआरएफ को मौके पर भेजा। यहां पर छात्रों व अध्यापकों में दहशत की स्थिति देखी गई। भूतल पर ही बड़ी संख्या में छात्रों के डाक्यूमेंट्स जलभराव होने से भीग गए। सभी को नाव से एक एक कर रेस्क्यू किया गया। बड़ी संख्या में लोग रेस्क्यू ऑपरेशन की सूचना पर मौके पर पहुंच गए। कहीं कोई जनहानि की सूचना प्रशासन को नहीं मिली है।
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-दस राउंड में एसडीआरएफ की टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला
-हॉस्टल के भूतल तक बारिश का पानी घुसा,परिसर के मैदान भी जलमग्नअमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कैनाल रोड स्थित ट्रिपल आईएम परिसर में रविवार सुबह से ही अफरातफरी मची हुई थी। निदेशक समेत पूरी फैकल्टी मौजूद थी। कैंपस में स्थित परिवार चारों तरफ इकट्ठा थे। पुलिस की टीम पहुंच चुकी थी और एसडीआरएफ की टीम पहुंचने वाली थी। हॉस्टल में छात्र फंसे थे, सभी को उनके बाहर निकलने का इंतजार था। बाहर निकलने के बाद राहत की सांस ली स्टूडेंट्स ने, कहा कि जितनी देर अंदर फंसे थे, बस चिशोती की आपदा याद आ रही थी।
सुबह 11 बजे के करीब एसडीआरएफ की टीम ने नाव पानी में उतारी और छात्रों के लेने के लिए गई। करीब सवा एक बजे तक रेस्क्यू आपरेशन चला। 10 राउंड में 50 से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया। इसमें 45 छात्र थे। निदेशक डॉ. जुबीर अहमद ने बताया कि सभी छात्र सुरक्षित हैं। निचले स्तर पर होने के कारण पानी भर जाता है। सभी को सुरक्षित रेस्क्यू कर गेस्ट हाउस में शिफ्ट कर दिया गया है।
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आंख खुली तो खुद को डूबा हुआ पाया, डर तो लगता है न
पीएचडी स्कॉलर बिश्माह रसूल, आकांक्षा ने कहा कि सुबह छह बजे हमारी आंख खुली तो अंधेरा था। मोबाइल फोन की रोशनी में देखा की चारों तरफ पानी ही पानी। एक पल को कुछ समझ ही नहीं आया कि क्या है, फिर अहसास हुआ कि पानी भर गया है, बारिश हो रही है। हम लोगों ने फोन पर सूचना संस्थान के अधिकारियों को दी, उसके बाद से फोन आने शुरु हुए और हमें ढांढस बंधाते रहे सब। हम लोग ऊपर के फ्लोर पर गए, डर किसे नहीं लगता है।
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भूतल पर रहने वाले छात्रों के डाक्यूमेंटस भीगे, जिसे जो मिला लेकर निकला
बचाव दल की नाव में सवाल छात्र-छात्राएं अपने साथ अपने कागज, फाइल, लैपटाप, कुछ कपड़े लिए निकल आए। सबसे ज्यादा चिंता उन्हें अपने डाक्यूमेंट्स की थी।
बाहर आते ही चेहरे पर मुस्कान आई, फैकल्टी ने कराया नाश्ता
नाव पर बैठे उनके चेहरों पर दहशत और डर नजर आ रहा था। नाव से उतरते ही खुद को सुरक्षित पाकर उनके चेहरे पर आई हल्की सी मुस्कान बता रही थी कि अब सब ठीक है। बाहर नाश्ता लेकर एक वैन तैयार थी। सभी स्टूडेंट्स का निदेशक, फैकल्टी पहले हाल पूछते, उसके बाद उन्हें चाय-नाश्ता दे रहे थे।
कोई वीडिया काल कर घर को खैरियत बता रहा
नाव से उतरने के बाद छात्र-छात्राओं के फोन भी घनघना रहे थे। कोई अपने घर फोन पर तो कोई वीडिया काल करके अपनी खैरियत परिवार के लोगों को बता रहा था।
आईआईआईएम छात्रावास में जलभराव की सूचना पर मचा हड़कंप
आईआईएमम छात्रावास में भीषण जलभराव,छात्रों के फंसे होने की सूचना पर प्रशासन हरकत में आ गया। आनन-फानन एसडीआरएफ को मौके पर भेजा। यहां पर छात्रों व अध्यापकों में दहशत की स्थिति देखी गई। भूतल पर ही बड़ी संख्या में छात्रों के डाक्यूमेंट्स जलभराव होने से भीग गए। सभी को नाव से एक एक कर रेस्क्यू किया गया। बड़ी संख्या में लोग रेस्क्यू ऑपरेशन की सूचना पर मौके पर पहुंच गए। कहीं कोई जनहानि की सूचना प्रशासन को नहीं मिली है।