बिना वजह तिल का ताड़ ना बनाएं: उमर अब्दुल्ला
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जम्मू कश्मीर में मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद सरकार गठन को लेकर चल रही सौदेबाजी में हर दिन चौंकाने वाले समीकरण सामने आ रहे हैं। नेशनल कांफ्रेस की ओर से भाजपा के साथ जाने की अकटलों ने रियासत में एक नए समीकरण तैयार कर दिए हैं।
हालांकि नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने उस खबर को गलत बताया है जिसमें कहा गया है कि अगर राज्य में सरकार बनाने के लिए भाजपा नेशनल कॉन्फ्रेंस को प्रस्ताव देती है तो राज्य में नए सियासी समीकरण बन सकते हैं।
उमर ने ट्वीट पर सरकार बनाने के लेकर सफाई दी है। उमर ने लिखा, 'इसलिए मैं किसी काल्पनिक सवालों या स्थितियों के जवाब देना पसंद नहीं करता। बिना वजह तिल का ताड़ ना बनाएं।'
That's why I don't give categorical answers to hypothetical questions/situations. Unnecessary storms in teacups follow.
— Omar Abdullah (@abdullah_omar) January 16, 2016
वर्किंग कमेटी की मीटिंग में कोई अंतिम फैसला
मीडिया में फारुख अब्दुल्ला के बयान के एक तूफान उठ खड़ा हुआ। इस के बाद उमर ने ट्विटर पर एक के बाद एक ट्वीट कर अपनी सफाई देते दिखे। उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा है कि मेरे पिता का दिया बयान स्पष्ट है। किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले हमें बयान को गंभीरता से सुनना चाहिए।
The audio clip of what my father Dr Farooq Abdullah has said is very clear. Please listen to it before arriving at any conclusions.
— Omar Abdullah (@abdullah_omar) January 16, 2016
उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी की तरफ से कोई प्रस्ताव आता है तो वर्किंग कमेटी की मीटिंग बुलाकर चर्चा के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा और यह सबसे माकूल बयान है, जिसकी अपेक्षा की जाती है।
All he has said is that if any proposal comes from the BJP it will be discussed by the Working Committee of the party for a decision.
— Omar Abdullah (@abdullah_omar) January 16, 2016
उन्होंने ट्वाट करते हुए कहा कि, 'किसी तरह के समर्थन और गठबंधन की बात नहीं कही है और बयान में सिर्फ विचार और चर्चा की बात है। '
It's the most reasonable response you can expect. He hasn't sought an alliance nor assured any support, only consideration & discussion.
— Omar Abdullah (@abdullah_omar) January 16, 2016
उनकी पार्टी ‘सत्ता की भूखी नहीं है’
जम्मू-कश्मीर में भाजपा के साथ सरकार बनाने के वास्ते चर्चा के लिए नेशनल कान्फ्रेंस की तरफ से रजामंदी जताने के पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान के एक दिन बाद उनके बेटे एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यह कहते हुए किसी तरह के तालमेल की गुंजाइश खारिज कर दी कि उनकी पार्टी ‘सत्ता की भूखी नहीं है’ और ‘विचारधारा के साथ समझौता’ नहीं करेगी।
उमर ने फेसबुक पर अपने ऑफिशल पेज पर कहा, ‘नेशनल कान्फ्रेंस सत्ता की भूखी नहीं है और ऐसी राजनीतिक सत्ता में उसकी रूचि नहीं है जो विचारधारात्मक समझौता कर के मिलती हो। हमने एक साल पहले भाजपा के साथ गठबंधन की संभावना छोड़ दी थी और ऐसा करने की वजह नहीं बदली है।’
उमर ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला एक काल्पनिक स्थिति पर आधारित एक काल्पनिक सवाल का जवाब दे रहे थे और उन्होंने कभी नहीं कहा था कि पार्टी भाजपा की हिमायत करेगी।
उमर ने कहा कि फारूक ने बस यही कहा था कि अगर भाजपा की तरफ से इस तरह का कोई आग्रह या प्रस्ताव मिलता है तो पार्टी की कार्यसमिति इसपर विचार करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं मिला जिसने उनकी टिप्पणी को शुद्ध रूप से इस तरह के मुद्दों से निबटने के सांगठनिक तरीकों की पुन: अभिव्यक्ति बना दिया और इससे ज्यादा कुछ नहीं है।